सक्ती जिला

खनिज उत्खनन पट्टा मिला था 50 वर्ष के लिए, तीन साल में ही निकाल दिया लगभग 35 लाख मिट्रिक टन डोलोमाइट 

गुरूश्री मिनरल्स की छितापढरिया में ही दूसरी खदान की हुई शिकायत

खनिज विभाग के जिम्मेदारों पर मिलीभगत का आरोप 

सक्ती– जिले के गुरूश्री मिनरल्स पर आरोपों की झड़ी थमने का नाम नहीं ले रही है। खनिज अधिकारियों से मिलीभगत कर मे. गुरुश्री मिनरल्स प्रा. लि. डायरेक्टर मुकेश बंसल और नानक बंसल के द्वारा डोलोमाईट खदान मे अवैध डोलोमाईट उत्खनन की शिकायत हुई है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार शिकायत में बताया गया है कि ग्राम छितापइरिया में डोलोमाईट खदान जो कि मेसर्स गुरुश्री मिनरल्स प्रा. लि. डायरेक्टर मुकेश बंसल पिता सागरमल बंसल निवासी रायगढ़ की खदान खसरा नंबर 167, 168 /1- 13, 169, 329/1, 329 / 2, कुल खसरा नम्बर 17 कुल रकबा 10.62 एकड़ कुल रकबा 4.297 हेक्टेयर में वर्ष 2020-21 से  2024-25 का डोलोमाईट का उत्खनन की रायल्टी सरकार या जिला खनिज कार्यालय सक्ती मे जमा किया गया है। उससे 4 गुना अधिक उत्खनन लगभग 35 से 40 लाख मिट्रिक टन इस खदान में उत्खनन कर खनिज नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है। इतना ही नहीं गुरूश्री मिनरल्स पर आरोप है कि न खदान को कांटा तार से घेरा गया है और न ही 7.50 मीटर सेफ्टी बेंच छोड़ा गया है। किसी प्रकार का कोई भी वृक्षारोपण भी नहीं किया गया है। इस खदान का खनिज उत्खनन पट्टा की अवधि 50 वर्ष (सन् 2070) तक दिया गया था। जिसको गुरूश्री मिनरल्स के द्वारा सन् 2024 तक उत्खनन कर लगभग पूरा डोलोमाइट निकाल लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार अनुमोदित माइनिंग प्लांट में दर्शित मात्रा के अनुसार खदान की आवेदित उत्खनन क्षमता 3 लाख टन प्रतिवर्ष से अधिक नहीं किए जाने की शर्त पर खनिज डोलोमाइट के उत्खनन की सशर्त पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। 

पर्यावरण के उल्लंघन का आरोप-  

शिकायतकर्ता अनुभव तिवारी ने बताया है कि खदान में खनिज – पर्यावरण नियम का घोर उलंघन किया गया है। खनिज नियम के अनुसार 7.50 मी. का पार छोड़ना था। लगभग 1500 वृक्षों का रोपण करना था इन मापदंड का मजाक उडाया गया है खदान को लगभग 40 मीटर गहरा खोद कर 3-4 वर्षों मे ही 50 वर्षों की डोलोमाईट का दोहन कर बेच दिया गया है और इस खदान की डोलोमाईट से अपने बंद पड़ी ग्राम- छितापंडरिया के खसरा नंबर 5/2 मे डोलोमाईट उत्खनन दिखा कर खनिज विभाग के अधिकारीगण के सहयोग से फर्जी रायल्टी जमा किया जा रहा है ताकि वह खदान जो पिछले 3-4 वर्षों से बंद है। उसे चालू दिखा सके। मेसर्स गुरुश्री मिनरल्स प्रा. लिमिटेड डायरेक्टर नानक बंसल अन्य ग्राम-छितापंडरिया, खसरा नं. 5 / 2 रकबा – 4.99 हेक्टर की भी तय लीज मापदंड से अधिक लम्बाई, चौडाई और गहराई खुदाई कर इस को भी 3-4 वर्षों मे ही खोद कर भारी दोहन किया गया है। 

खनिज विभाग पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप- 

शिकायतकर्ता ने खनिज विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे खदान संचालक को संरक्षण दे रहे। भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अनुभव ने बताया कि इस खदान मंे भी लगभग 40 मीटर गहराई खुदाई कर डोलोमाईट उत्खनन किया गया है जो कि लीज नियम के अनुसार 28.45 मीटर है और 2070 तक इनको इस खदान से डोलोमाईट उत्खनन करना था। ये सारे खेल खनिज अधिकारीयों की मिलीभगत से हो रहा है। 

स्थल निरीक्षण करने की मांग- 

शिकायतकर्ता ने कलेक्टर अमृत विकास तोपनो से मांग की है कि गुरुश्री मिनरल्स प्रा. लि. डायरेक्टर मुकेश बंसल पिता सागरमल बंसल निवासी रायगढ़ की खदान खसरा नंबर खसरा नंबर 167, 168 /1- 13, 169, 329/1, 329/2कुल खसरा नम्बर 17 कुल रकबा 10.62 एकड़ एवं मेसर्स गुरुश्री मिनरल्स प्रा. लिमिटेड डायरेक्टर नानक बंसल व अन्य, ग्राम- छितापंडरिया की उच्चस्तरीय जांच करवाने एवं तत्काल स्थल निरीक्षण करवाने की मांग की है। उन्होनें मांग की है कि स्थल निरीक्षण की सूचना दी जावे तथा उनकी उपस्थिति में खदान की लम्बाई, चौडाई और गहराई का सीमांकन/भौतिक सत्यापन किया जावे। जिससे वास्तविक मात्रा का पता चल सके। अनुभव तिवारी ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, डायरेक्टर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्रीय कार्यालय (पश्चिम मध्य जोन), पर्यावरण, वन एवं मंत्रालय, भू-तल, पूर्व विंग, नया सचिवालय भवन, सिविल लाईन, नागपुर (महाराष्ट्र) जलवायु परिवर्तन, सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, खनिज संसाधन विभाग, मंत्रालय, डायरेक्टर, जीओलॉजी एवं माईनिंग, संचालनाल से भी की है।

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जांच टीम का गठन किया जा चुका है। एक बार जांच हुई थी। आरोप भी लगा था कि यह एकपक्षीय जांच हुई है। इसके बाद फिर से जांच टीम गठित कर जांच करने का निर्णय लिया गया है। यदि नई शिकायत हुई है तो उसकी भी जांच भी जांच की जाएगी। 

अमृत विकास तोपनो

कलेक्टर, जिला-सक्ती 

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शिकायत पर यदि किसी भी प्रकार की त्वरित कार्रव्वाई नहीं होगी तो हाईकोर्ट में याचिका दर्ज की जाएगी। साथ ही जन आंदोलन भी किया जाएगा। 

अनुभव तिवारी, शिकायतकर्ता 

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