सक्ती जिला

शहरी क्षेत्र में अब ठेले,गुमटीवालों को दुकान चलाने के लिए लेना पड़ेगा लाइसेंस, बिना लाइसेंस के नहीं कर सकेंगे व्यापार

सक्ती– प्रदेश में अब गुमटी से लेकर मॉल तक की दुकानों को ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य हो गया है। 07 नवम्बर 2025 दिन-शुक्रवार को राजपत्र में इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। अगर कोई यह लाइसेंस नहीं लेता है तो अब वह दुकान नहीं चला पाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग ने 192 निकायों में ट्रेड लाइसेंस का नियम लागू कर दिया है। इस नियम में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के लिए सड़क और बाजार के आधार पर तीन कैटेगरी में रेट भी जारी किए हैं। हर दो साल में इन रेट में 5% की वृद्धि भी की जाएगी। यही नहीं दुकानदार अब 10 साल का शुल्क एक ही बार जमा कर सकेंगे। नगर निगम में अधिकतम शुल्क 30 हजार, पालिका में 20 और पंचायत में 10 हजार रुपए सालाना तय किया गया है। बता दें कि अब तक 45 निकायों में ही ट्रेड लाइसेंस की व्यवस्था थी। सभी निकायों के रेट भी अलग-अलग थे। 99% दुकानदार श्रम विभाग से गुमाश्ता लेकर काम करते थे। जबकि ट्रेड लाइसेंस सिर्फ वही लेते थे जिन्हें बैंक से लोन लेना होता था।
दो तरह से तय किए गए हैं शुल्क सड़क की चौड़ाई को बनाया आधार-

सड़क की चौड़ाई 7:50 मीटर से कम में नगर निगम- ₹4 प्रति वर्ग फीट,नगर पालिका- ₹3 प्रति वर्ग फीट,नगर पंचायत- ₹2 प्रति वर्ग फीट किधर से शुल्क देना होगा तो वही सड़कों की चौड़ाई में 7.5 से 15 मीटर वाले क्षेत्रों में नगर निगम में 5 प्रति वर्ग फीट, नगर पालिका में 4 प्रति वर्ग फीट एवं नगर पंचायत में ₹3 प्रति वर्ग फीट की दर से देना होगा, वहीं सड़कों की चौड़ाई में 15 मीटर से अधिक वाले नगर निगम में 6 प्रति वर्ग फीट, नगर पालिका में ₹5 प्रति वर्ग फीट एवं नगर पंचायत में चार रुपए प्रति वर्ग फिट की दर से देना होगा


बाजारों के लिए भी अलग दरें
व्यापार परिसर में निगम पालिका एवम नगर पंचायतो में मोहल्ला / कॉलोनी में 4 रुपए प्रति वर्ग फीट ₹3 प्रति वर्ग फीट एवं दो रुपए प्रति वर्ग फिट निर्धारित किया गया है इसके साथ ही छोटे-मध्यम बाजारो में ₹5 प्रति वर्ग फिट, चार रुपए प्रति वर्ग फिट एवं ₹3 प्रति वर्ग फिट,बड़े बाजारो में ₹6 प्रति वर्ग फीट,₹5 प्रति वर्ग फीट एवं चार रुपए प्रति वर्ग फिट होगा,


वाहन के लिए भी तय हुए शुल्क
गुमटी या कच्ची दुकान के लिए नगर निगम में 250, नगर पालिका में 150 और नगर पंचायत में 100 रुपए सालाना शुल्क तय किया गया है। वहीं मिनी ट्रक, जीप, पिकअप वैन पर दुकान चलाने वाले भी अब लाइसेंस ले सकेंगे। निगम में 400, पालिका में 300, पंचायत में 200 रुपए सालाना देने होंगे।
मैं ट्रेड लाइसेंस क्यों लूं? शहरी क्षेत्र में ट्रेड लाइसेंस लेने से क्या होंगे लोगों को फायदे


01- ट्रेड लाइसेंस लेने से आपकी दुकान को सरकारी दस्तावेज मिल जाएगा। व्यापार के लिए नगरीय निकाय से अधिकृत हो जाएंगे।’ इस आधार पर बैंक लोन भी ले सकेंगे।

प्रश्न- गुमाश्ता और ट्रेड लाइसेंस में क्या अंतर है?

उत्तर- गुमाश्ता श्रम विभाग देता है। जिस दुकान में 10 से अधिक लोग काम करते हैं, उन्हें ही गुमाश्ता मिलता है। ट्रेड लाइसेंस नगरीय निकाय देता है। यह कोई भी व्यापार करने. वाला ले सकता है।


प्रश्न-अगर मेरी दुकान मॉल में है तो मुझे लेना होगा?

उत्तर-हां, मॉल में एक-एक दुकान का अलग-अलग ट्रेड लाइसेंस बनेगा

प्रश्न-अगर मेरी दुकान एक लाख स्क्वॉयर फीट की है तो क्या मुझे 6 लाख रुपए सालाना देने होंगे?

उत्तर-नहीं, निगम में अधिकतम शुल्क 30 हजार है। यानी इसके ऊपर कितना भी शुल्क बनेगा आपको 30 हजार ही देने हैं?


हर साल लाइसेंस लेना पड़ेगा क्या?
उत्तर-नहीं, एक साथ दो साल का लाइसेंस मिलेगा। मियाद खत्म होने के एक महीने पहले नवीनीकरण करना होगा। अधिकतम 10 साल तक का लाइसेंस एक साथ ले सकते हैं।
प्रश्न-अगर मैं दुकान बंद कर देता हूं तो लाइसेंस जमा करना होगा?


उत्तर-हां, दुकान बंद करने पर निकाय को सूचित कर वहां लाइसेंस सरेंडर करना होगा।लाइसेंस रिन्यू न करवाने पर पेनल्टी भी ट्रेड लाइसेंस न्यूनतम दो साल के लिए दिया जाएगा। अगर लाइसेंस की समय सीमा खत्म हो गई और 6 महीने में रिन्यू करवाया तो 15% आर्थिक दंड देना होगा। 6 महीने बीतने के बाद 10 रुपए प्रति दिन के हिसाब से दंड लिया जाएगा। एक साल बीतने के बाद दुकान को नगरीय निकाय सील कर देगा।

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