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जनता की उम्मीदों को पूरा करने की नए अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल केे कंधों पर होगी जिम्मेदारी 

– बाजार का व्यवस्थापन, पुस्तकालय जैसी जरूरतों को पूरा करने करनी होगी पहल 

सक्ती। नगर पालिका परिषद में हाल ही में हुए चुनाव में बड़ा परिवर्तनकारी बदलाव आया है। सत्तारूढ़ भाजपा और नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के गढ़ को ध्वस्त करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की है। ज्ञात हो कि यह नगर पालिका लगभग 100 वर्ष पुरानी और जिले की एकमात्र नगर पालिका परिषद है। अब इसके भविष्य में नगर निगम बनने की संभावनाएँ प्रबल हो जाएंगी। ज्ञात हो श्यामसुंदर अग्रवाल पहले कांग्रेस से बगावत करके उन्हें टिकट से वंचित किए जाने यह चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भ्रष्टाचार एवं विकास मुख्य बिन्दू थे। जनता का यह मानना तथ्यपरक है। पिछले कार्यकाल की निष्क्रियता की भारी कीमत कांग्रेस को चुकानी पड़ी सबसे बडी गतिरोधों वार्डों में समन्वय बनाकर विकास कार्यों को समान भागीदारी के आधार पर क्रियात्मक कार्य को विकास के मद्देनजर कार्य कराने से है। प्रक्रियाओं से गति देने वाले तौर तरीके तलाशने होंगे। विवाद में समय जाया न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सबसे प्रमुख मलिन बस्ती एवं गरीबी को सर्वाधिक शासन, प्रशासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके इसकी सतत समीक्षा कर कार्य को मूर्त रूप देना महिला आर्थिक स्वावलंबन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देनी होगी क्योंकि महिला परिवार की धुरी होती है। 

बुधवारी का बाजार का व्यवस्थापन की रहेगी उम्मीदें- 

बुधवारी बाज़ार का व्यवस्थापन सबसे बड़ी संवेदनशील मुद्दा है। इस प्रकार 2012 में तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्तिकेय गोयल आईएएस के समय उजाड़े हुए दुकानों को व्यवस्थापन पुनर्वास और मुआवजा प्रदान कराना इसी मुद्दे के आधार पर दोनों प्रमुख दल पराजित हुए। मछली पालन का ठेका एवं स्वसहायता समूह की महिला में स्वच्छ जल संग्रहण पर्याप्त मात्रा में हो। वह जीवनदायिनी पहले की तरह नहरों से एवं सम्पूर्ण तालाबों के जल शुद्धिकरण एवं विस्तार की दृष्टि से सुविधाओं का विकास, सौंदर्यीकरण, भ्रमण के लिए वृक्षारोपण बैठक स्थल, प्रकाश व्यवस्था और भ्रमण करने वाली माताओं की सुरक्षा प्रमुख मांग है.

सफाई, पेयजल ,प्रकाश व्यवस्थाओं में शिकायत की कोई गुंजाइश न रहे। पुस्तकालय नालन्दा परिसर की तर्ज पर बने, आयुर्वेद चिकित्सालय की स्थापना हो, मातृ वंदना की कमी की पूर्ति हो, सर्वसुविधायुक्त उद्यान की स्थापना, कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की पृष्ठभूमि तैयार करना प्रमुख तथ्य है। यह जिला उद्यानिकी कृषि के क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति का जिला बने इसके लिए नए अध्यक्ष को प्रयास करने होंगे। व्यवहार एवं राजस्व न्यायालय की स्थापना एक ही स्थान में हो, सक्ती से जेठा जिला मुख्यालय के लिए न्यूनतम दर पर बस की सुविधा हो। धार्मिक स्थल को प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के रूप में मान्यता दी जाए। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल की प्रभावी व्यवस्था हो। भूमाफियाओं पर शिकंजा कसा जाए। कानूनी प्रक्रियाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अपराधियों में कानून का खौफ हो, पुलिस व म्युनिसिपल जनहित में समन्वय बनाकर कार्य करें। एक जिले का एकल खिड़की सक्ती में हो जिसमें जिला मुख्यालय का कार्य किया जा सके। सक्ती रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाएं प्रमुख रूप से ट्रेनों का स्टापेज हो, म्युनिसिपल में जनता को किसी प्रकार की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए। 

जन औषधि केंद्रों की सार्थकता बनाए रखने करनी होगी पहल- 

80 प्रतिशत रोगियों की दवाई जन औषधि केंद्र के माध्यम से प्राप्त हो। साथ ही जुआ, अवैध शराब से पीड़ित परिवार वार्ड पर प्रभावितों की शिकायतों के आधार पर पुलिस प्रशासन वास्तविक रूप से कार्य करें। वास्तव में इनकी अवैध समानांतर व्यवस्था छिपे तौर पर सक्रिय है। पार्षदों के इस संबंध में जिम्मेदारी तय की जाए। सड़क दुर्घटनाएं नहीं हो पाए। इस ओर भी ध्यान देना होगा।

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