धार्मिकसक्ती जिला

बाराद्वार के मां काली मंदिर के सामने में आयोजित श्रीमद देवी भागवत कथा के छठवें दिवस शुक्राचार्य पर देव्यो का अविश्वास व श्रीकृष्ण अवतार की सुनाई कथा

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी देखने उमडी भक्तो की भीड,  भजनों में झूमे भक्त

बाराद्वार – श्री आद्यशक्ति सेवा मिशन के तत्वाधान में समस्त नगरवासीयो के द्वारा 30 मार्च से 7 अपै्रल तक नौ दिवसीय पंच कुण्डीय श्रीमहाविद्या श्री यंत्र प्रतिष्ठा महायज्ञ एवं श्रीमद देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन बाराद्वार के मां काली मंदिर के सामने में किया गया है, जिसमे रोजाना दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित देवी भागवत कथा में बडी संख्या में भक्तगण शामिल होकर कथा का श्रवण कर रहे है। ब्यासपीठ से वृन्दावन के श्री आद्यशक्ति पीठाधीश्वर के आचार्य रूद्रदेव महाराज के द्वारा श्रीमद देवी भागवत कथा के छठवें दिवस 3 अपै्रल को शुक्राचार्य पर देव्यो का अविश्वास, श्रीकृष्ण अवतार, भगवती की सर्वज्ञता, भृगु द्वारा नारायण शाप एवं श्रीकृष्ण जन्न्मोत्सव की कथा सुनाई गई। श्रीमद देवी भागवत की महत्ता पर ब्याख्यान करते हुए उन्होने श्रोताओ को बताया कि श्रीमद् देवी भागवत कथा भवसागर से पार लगाने का सर्वोत्तम आधार है, इसलिए श्रीमद देवी भागवत कथा जरूर सुने और कथा में सुनाए गए प्रसंगो को अपने जीवन में आत्मसात करें, इससे मन को शांति भी मिलेगी साथ ही मानव जीवन का कल्याण भी होगा। आगे की कथा में आचार्य रूद्रदेव महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण विष्णु के 8वें अवतार हैं लेकिन देवी और कालिका पुराण अनुसार वे विष्णु के नहीं बल्कि कालिका माता के अवतार थे। देवी पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण, विष्णु के नहीं बल्कि मां काली के अवतार थे, वहीं उनकी प्रेमिका राधा, देवी लक्ष्मी का स्वरूप नहीं, अपितु महादेव का अवतार थी। इसके अलावा उन्होने राम जी के जीवन की धर्म, मर्यादा और संस्कारो का वर्णन करते हुए भक्ति का उपदेश दिया एवं श्रीनारद जी के द्वारा राम को देवी महिमा नवरात्र व्रत के बारे में उपदेश का सुन्दर वर्णन किया। उन्होने माँ भगवती के प्रतिष्ठित श्रीयंत्र से घर परिवार की उन्नति, व्यापार वृद्धि यज्ञ की महिमा के साथ श्रीकृष्ण जन्म की कथा के माध्यम से पण्डाल में उपस्थित भक्तो को प्रफुलित किया। आचार्य ने बताया कि श्रीमद् देवी भागवत कथा में वह सारे गुण व्याप्त हैं जिनके माध्यम से प्राणी अपना कल्याण कर सकता है, उनके द्वारा कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर ऐसा समां बांधा कि श्रध्दालु अपनी जगह पर बैठे ही रहे। इस दौरान विभीन्न झांकियो के माध्यम से श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान विभिन्न भजन भी सुनाये गये जिसमे उपस्थ्ति भक्त एवं महिलाये झूम उठे। बाराद्वार के मां काली मंदिर के सामने में आयोजित पंच कुण्डीय श्रीमहाविद्या श्री यंत्र प्रतिष्ठा महायज्ञ एवं श्रीमद देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आयोजन में रोजाना कथा सुनने के लिए बाराद्वार सहित आसपास से कथा प्रेमी बडी संख्या में पहॅूच रहे है एवं कथा का श्रवण कर प्रसाद प्राप्त कर रहे है। आयोजकों ने बताया कि धार्मिक आयोजन का समापन का 7 अप्रैल को पूर्णाहुति एवं भण्डारा के बाद संपन्न होगा।

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