अग्रसेन जयंती पर शिव बुक सेंटर परिवार की अनूठी पहल, दृष्टिबाधित विद्यालय को 90 हजार का सहयोग — बच्चों के जीवन में जगाई नई उम्मीद

सक्ती। अग्रसेन जयंती का पर्व समाजसेवा और परोपकार के संदेश के साथ हर वर्ष प्रेरणा देता है। इसी कड़ी में इस वर्ष शिव बुक सेंटर परिवार ने अग्रसेन जी की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए मानवता और सेवा की मिसाल पेश की। परिवार ने कुमारी कासनी एवं चिरंजीवी कृदय अग्रवाल के हाथों से 90,000 रुपए का चेक दृष्टिबाधित विद्यालय को जाकर प्रदान किया। यह क्षण केवल आर्थिक सहयोग का नहीं, बल्कि संवेदनाओं और सच्ची आस्था का प्रतीक बन गया।
विद्यालय पहुंचने पर जब बच्चों ने अपने मासूम चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, तो उपस्थित सभी के हृदय भावुक हो उठे। परिवार के सदस्यों ने कहा कि दृष्टिबाधित बच्चे किसी भी रूप में कम नहीं हैं, बल्कि उनकी ऊर्जा, लगन और आत्मविश्वास हम सबके लिए प्रेरणा है। बच्चों की प्रार्थना और उनके आत्मविश्वासी स्वर ने वातावरण को अद्भुत बना दिया।

इस अवसर पर शिव बुक सेंटर परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया, उनका हालचाल जाना और उनके मंगलमय भविष्य की कामना की।
मांगेराम अग्रवाल ने इस मौके पर कहा — “अग्रसेन जी का जीवन हमें दान, सेवा और समाजहित की सीख देता है। दृष्टिहीन बच्चों को सहयोग देकर हमें आत्मिक संतोष मिलता है। हमें हर दिन यह संकल्प लेना चाहिए कि अपनी खुशियों में जरूरतमंदों को भी शामिल करें, तभी समाज में वास्तविक समरसता स्थापित होगी।”
इसके बाद मानस अग्रवाल ने कहा — “अग्रसेन जी ने समाज को जो मार्ग दिखाया है, वह केवल दिखावे की पूजा नहीं बल्कि समाजहित के लिए कार्य करने का है। आज इन बच्चों की मुस्कान और आत्मविश्वास देखकर लगता है कि अगर हम सभी मिलकर छोटे-छोटे प्रयास करें तो इनके जीवन में अंधकार कभी नहीं रहेगा। हमारी यह पहल केवल शुरुआत है, असली संतोष तो तभी मिलेगा जब समाज का हर सक्षम व्यक्ति जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए।”
परिवार के अन्य सदस्यों ने कहा कि समाज की वास्तविक सेवा जरूरतमंदों तक पहुंचना है, और यह कार्य अग्रसेन जयंती पर करने से उसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
अग्रसेन जयंती का यह अवसर शिव बुक सेंटर परिवार की इस पहल के कारण समाज में प्रेरणादायी संदेश बन गया। सभी ने इसे सेवा, करुणा और संवेदना का सच्चा उदाहरण बताया।





