रैनखोल वनक्षेत्र में सात हाथियों का दल सक्रिय, खतरा बरकरार — वन विभाग 24×7 मुश्तैद

सलिहाभाठा के पास दिखा 7 हाथियों का दल
तीन दिनों से लगातार गश्त, हर मूवमेंट पर कड़ी नजर
सक्ती// वन परिक्षेत्र सक्ती अंतर्गत रैनखोल परिसर के कक्ष क्रमांक पी.एफ.-35 के समीपस्थ ग्राम एवं वनक्षेत्र में 15 नवंबर 2025 की रात लगभग 9 बजे अचानक 7 हाथियों के झुंड के प्रवेश की सूचना मिलते ही सक्ती परिक्षेत्र के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी घटना स्थल के लिए रवाना हुए। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल रात्रि में ही गश्ती दलों को सक्रिय कर दिया।
घटना स्थल पर सात हाथियों का दल मिला सक्रिय
मौके पर पहुंचकर वन अमले ने पाया कि ग्राम सलिहाभाठा के निकट वनक्षेत्र में लगभग 07 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इसके बाद क्षेत्र में कंट्रोल मूवमेंट शुरू करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए मुनादी कराई गई। लगातार गांवों में संदेश प्रसारित कर लोगों को घरों से बाहर न निकलने, हाथियों के पास न जाने, वाहन न रोशन करने जैसी आवश्यक हिदायतें दी जा रही हैं।
हाथी–मानव द्वंद रोकने वन विभाग का लगातार सतत् भ्रमण –
हाथियों के दल द्वारा बसेरों के करीब पहुंचने की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम बीते तीन दिनों से लगातार रात-दिन क्षेत्र में डटी हुई है। अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी गश्त कर हाथियों की दिशा, गतिविधियों और संभावित जोखिम वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रख रहे हैं। अभी तक क्षेत्र में हाथी–मानव द्वंद की कोई घटना सामने नहीं आई है, जो राहत की बात है।
उच्च अधिकारियों से लगातार समन्वय और दिशा–निर्देश –
हाथियों के आंदोलन की सूचनाएँ समय-समय पर दक्षिण–पूर्व वनमंडल के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही हैं। उनके निर्देशन पर हर स्तर पर एहतियाती उपाय लागू किए जा रहे हैं। वनमंडलाधिकारी जांजगीर-चांपा/सक्ती हिमांशु डोंगरे (भा.व.से.) ने स्वयं स्थिति की मॉनिटरिंग करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की भीड़ हाथियों के आसपास एकत्र न होने दी जाए और ग्रामीणों को लगातार जागरूक रखा जाए।
विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु बिजली विभाग को निर्देश –
हाथियों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए रैनखोल, सलिहाभाठा, बासीनपाठ, गुंजी, खरीपारा, बरपाली, जोबा, घुईचुवां, नवागांव, जामचुवां आदि संभावित क्षेत्रों में बिजली विभाग को समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से रोकने के लिए कहा गया है, ताकि करंट लगने या तार टूटने से किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।
ग्रामीणों में सतर्कता, वन विभाग में मुश्तैदी –
ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि जानवरों के दल को न छेड़ें, खेतों की ओर जाते समय सतर्क रहें, रात्रि में अनावश्यक बाहर न निकलें और किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। वन विभाग की 24×7 सक्रिय टीम क्षेत्र का लगातार भ्रमण कर रही है और हाथियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
वन विभाग की अपील-
वन विभाग ने स्पष्ट कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सावधानी अत्यंत आवश्यक है। हाथियों का दल किसी भी समय दिशा बदल सकता है, इसलिए ग्रामीणों से अपील है कि वे विभाग के निर्देशों का पालन करें। विभाग ने यह आश्वासन भी दिया है कि क्षेत्र में हाथी–मानव द्वंद की स्थिति न बने, इसके लिए हर स्तर पर ठोस कार्यवाही जारी है। वन विभाग की सतर्कता और ग्रामीणों की जागरूकता से अब तक संभावित खतरा टलता दिखाई दे रहा है।



