ग्रामीण अंचल में शिक्षा का नया सूरज बना अंबेडकर पब्लिक स्कूल मसनिया कला, वार्षिक परीक्षा परिणाम में विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम

नर्सरी से कक्षा 8 तक विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन, पूरे क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल
सक्ती// ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत पहचान बन चुका अंबेडकर पब्लिक स्कूल मसनिया कला एक बार फिर अपने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम को लेकर चर्चा में है। सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय ने जिस तरह शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
विद्यालय का वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यार्थियों की शानदार सफलता ने न केवल विद्यालय का गौरव बढ़ाया बल्कि ग्रामीण अंचल में शिक्षा के स्तर को लेकर नई उम्मीद भी जगाई है।
हर कक्षा में विद्यार्थियों ने दिखाया प्रतिभा का दम
विद्यालय प्रबंधन से प्राप्त जानकारी के अनुसार नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। कई विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
टॉपर विद्यार्थियों में नर्सरी से डिम्पी चंद्रा, चिराग कुमार उरांव एवं सार्थक यादव, केजी-1 से कृषिका सिदार, सारा मिरी एवं हरिओम केवट, केजी-2 से गीतेश सिदार, मानवी चौहान एवं गोपाल यादव, कक्षा 1 से ओमकारा चौहान, लेखा कंवर एवं देवांश बैरागी, कक्षा 2 से दिशा जायसवाल, सौम्या पटेल एवं आशी सिंह सिदार, कक्षा 3 से तृष्णा राठिया, दिव्यांका पटेल, उमाभारती पटेल, गौरव साहू एवं रैना बैरागी, कक्षा 4 से माधव पटेल, अनोखी सिदार, अदिति निषाद, लीना कंवर एवं लायना सोनी, कक्षा 5 से ईशा उरांव, केतन पटेल एवं राहुल कुमार चौहान, कक्षा 6 से खुशबू शांडिल्य, पिंकी डनसेना एवं रुद्र राठिया, कक्षा 7 से लेखा साहू, रागिनी सिदार एवं डॉली पटेल तथा कक्षा 8 से भाविका केवट, कसक उरांव एवं हेमा पटेल शामिल रहे।
विद्यार्थियों ने शिक्षकों और अभिभावकों को दिया सफलता का श्रेय
विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के डायरेक्टर बी. डी. चौहान, एच. एम. ज्योति पटेल, माता-पिता एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को दिया। विद्यार्थियों ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों द्वारा सरल एवं प्रभावी तरीके से पढ़ाई कराई जाती है, जिससे उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन एवं संस्कारों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो रहा है।
शिक्षक-शिक्षिकाओं की मेहनत लाई रंग
विद्यालय की सफलता के पीछे शिक्षक-शिक्षिकाओं की मेहनत और समर्पण को सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। इस अवसर पर शिक्षिका निकिता चौहान, दिनु साहू, पूनम साहू, गीता सिदार, पलीता साहू, नेहा वैष्णव, रागिनी वैष्णव एवं शिक्षक शिव चौहान की भूमिका की विशेष सराहना की गई।
ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
“ग्रामीण बच्चों को शहरों जैसी शिक्षा देना हमारा उद्देश्य”
विद्यालय के डायरेक्टर बी. डी. चौहान ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंबेडकर पब्लिक स्कूल मसनिया कला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शहरों के समान बेहतर एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय हमेशा शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देता आया है और भविष्य में भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार
विद्यालय समिति सावित्रीबाई फुले सेवा समिति द्वारा विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की गई। समाजसेवी गंगाधर बैरागी ग्राम उल्दा निवासी द्वारा कक्षा 5 के टॉपर को ₹2100 तथा कक्षा 8 के टॉपर को ₹3100 की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई।
वहीं सावित्रीबाई फुले सेवा समिति द्वारा ₹1100-₹1100 की प्रोत्साहन राशि एवं नर्सरी से कक्षा 7 तक के विद्यार्थियों को आकर्षक उपहार देने का निर्णय लिया गया। इस घोषणा के बाद विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा और संस्कार की मजबूत पहचान बना विद्यालय
ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि अंबेडकर पब्लिक स्कूल मसनिया कला बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार सराहनीय कार्य कर रहा है। विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक शिक्षा और अनुशासन पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
आज अंबेडकर पब्लिक स्कूल मसनिया कला केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, संस्कार और अनुशासन की मजबूत पहचान बन चुका है, जो अपने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम और बेहतर शिक्षा व्यवस्था से लगातार नई मिसाल कायम कर रहा है।




