
तखतपुर। सेवा सहकारी समिति मर्यादित बिलासपुर की शाखा तखतपुर में मृत खाता धारकों के खातों से नियम विरुद्ध कैश निकासी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले की शिकायत एसडीएम तखतपुर को की गई है, जिसके बाद इसे जांच के लिए अग्रेषित कर दिया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शाखा प्रबंधक मृत किसानों के परिजनों से मिलीभगत कर उनके खातों से अनेक बार नगद राशि निकालते रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के कई किसानों की मृत्यु होने के बाद भी उनके बैंक खाते सक्रिय पाए गए। शिकायत में दर्ज विवरण के मुताबिक मृत किसानों के खातों से उनके निधन के बाद भी अलग-अलग तिथियों में नगद निकासी होती रही, मानो खाता धारक स्वयं बैंक जाकर पैसे निकाल रहे हों। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह तभी संभव है जब बैंक कर्मियों की गहरी मिलीभगत हो।

शिकायत में बिरसिंग बेलपान, पुन्नीलाल खम्हरिया, तीरथराम सिलतरा, दुकालूराम उमरिया, बिमला करनकापा, भाऊराम साहू सहित विभिन्न गांवों के 31 मृत किसानों के नाम शामिल हैं। शिकायत में आरोप है कि शाखा प्रबंधक सूर्यकांत जायसवाल द्वारा परिजनों से मोटा कमीशन लेकर मृत किसानों के खातों से फर्जी तरीके से नगद आहरण किया गया।
सबसे गंभीर प्रकरण पचबहरा के एक किसान का है, जिसकी मृत्यु नवंबर 2021 में हो चुकी थी, इसके बावजूद जनवरी 2022 से अक्टूबर 2022 तक उसके खाते से कई बार नगद निकासी दर्ज की गई है। बैंकिंग नियमों के अनुसार किसी खाता धारक के मृत्यु हो जाने पर उसका खाता तत्काल लॉक किया जाना चाहिए और राशि केवल नॉमिनी या उत्तराधिकारियों के खातों में ही ट्रांसफर की जा सकती है। मृत खाता धारक के नाम पर नगद राशि आहरित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
ऐसे में मृत किसानों के खातों से लगातार नगद आहरण होना गंभीर अनियमितता और बैंक स्टाफ की संलिप्तता की ओर संकेत करता है।
इस संबंध में जब एसडीएम नितिन तिवारी से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि “शिकायत की प्रति उपलब्ध होने पर जांच की वर्तमान स्थिति की पुष्टि कराई जाएगी।”
वहीं, शाखा प्रबंधक सूर्यकांत जायसवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला।
घटना के खुलासे से तखतपुर क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर शाखा प्रबंधक सहित जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।




