रिटायर्ड कैप्टन गजाधर चौधरी पंचतत्व में विलीन, तिरंगे और सलामी के साथ दी गई अंतिम विदाई

देश सेवा में 35 वर्षों तक समर्पित रहे
सक्ती। भारतीय सेना में देश सेवा को अपने जीवन का ध्येय मानकर 35 वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा देने वाले रिटायर्ड कैप्टन गजाधर चौधरी का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से सक्ती अंचल सहित ग्राम पंचायत टेमर में शोक की लहर दौड़ गई।
रिटायर्ड कैप्टन गजाधर चौधरी ग्राम पंचायत टेमर के पूर्व सरपंच गुरुदेव चौधरी के पिता थे। सेना से सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे और युवाओं को अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं कर्तव्यबोध की सीख देते रहे। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रेरक उदाहरण रहा। परिजनों के अनुसार वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए अपने आचरण और कर्तव्यनिष्ठा से सम्मान अर्जित किया।
सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार :-
प्राप्त जानकारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार ग्राम टेमर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ संपन्न हुआ। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को पूर्व सैनिकों द्वारा सलामी दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी, पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिकजन उपस्थित रहे और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि रिटायर्ड कैप्टन गजाधर चौधरी जैसे व्यक्तित्व समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं, जिनकी स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशसेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।




