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10 वर्षीय बालक के जबड़े से खतरनाक डेंटिजेरस सिस्ट निकालने में डॉ. आशुतोष जायसवाल (आशुतोष डेंटल क्लिनिक, सक्ती) को बड़ी सफलता, डॉ. राहुल अग्रवाल का रहा सराहनीय योगदान, सक्ती जिले में पहली बार संभव हुआ ऐसा इलाज

सक्ती। जिले में पहली बार 10 वर्षीय बालक के जबड़े में बनी खतरनाक डेंटिजेरस सिस्ट का सफल ऑपरेशन कर सक्ती के प्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष कुमार जायसवाल (आशुतोष डेंटल क्लिनिक, सक्ती) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस जटिल ऑपरेशन में सर्जन डॉ. राहुल अग्रवाल (एमबीबीएस, एमएस) का सराहनीय योगदान रहा। वहीं डॉ. राशी अग्रवाल (BDS) एवं राधा महंत ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खास बात यह रही कि पूरा उपचार और ऑपरेशन निःशुल्क किया गया, जिससे परिजनों ने डॉक्टरों की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। बताया जा रहा है कि सक्ती जिले में इस प्रकार का यह पहला सफल ऑपरेशन है।

6 माह से दर्द और सूजन से परेशान था बालक :- 

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत परसदा कला निवासी दिनेश पटेल के 10 वर्षीय पुत्र रामकृष्ण पटेल पिछले करीब छह माह से दांत और मसूड़ों के असहनीय दर्द से परेशान था। मसूड़ों में लगातार सूजन बढ़ रही थी और बच्चे को भोजन करने में भी काफी दिक्कत हो रही थी। परिजनों ने प्रारंभ में बच्चे को डॉ. राजेश अग्रवाल को दिखाया, जहां एक्स-रे कराने की सलाह दी गई। एक्स-रे में जबड़े और मसूड़े के पास गांठ दिखाई देने पर बच्चे को सक्ती के प्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष कुमार जायसवाल के पास भेजा गया। जांच के बाद डॉ. आशुतोष ने तत्काल सर्जरी की सलाह दी।

पीला महल के सामने स्थित आशुतोष डेंटल क्लिनिक जहां किया जाता है सभी दंत रोगों का सफलता पूर्वक इलाज

डॉ. आशुतोष जायसवाल और डॉ. राहुल अग्रवाल की अगुवाई में हुआ सफल ऑपरेशन :- 

परिजनों ने बच्चे को शहर के स्पर्श हॉस्पिटल में भर्ती कराया। मंगलवार 19 मई की शाम डॉ. आशुतोष कुमार जायसवाल और डॉ राहुल अग्रवाल की अगुवाई में ऑपरेशन किया गया। करीब 50 मिनट तक चले इस जटिल ऑपरेशन में जबड़े में बनी डेंटिजेरस सिस्ट को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के दौरान सर्जन डॉ. राहुल अग्रवाल (एमबीबीएस, एमएस) ने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सतत निगरानी और सर्जिकल सहयोग के कारण ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत सामान्य बताई जा रही है और उपचार जारी है।

क्या होता है डेंटिजेरस सिस्ट? :- 

डेंटिजेरस सिस्ट जबड़े या मसूड़ों की हड्डियों में बनने वाली एक गांठ होती है, जिसमें तरल पदार्थ भरा रहता है। समय पर उपचार नहीं होने पर यह आसपास की हड्डियों और दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है। यह बीमारी सामान्यतः अविकसित दांत, दूध के दांत या अक्ल दाढ़ के आसपास विकसित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर इलाज नहीं होने पर यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर सकती है और मरीज की जान के लिए भी खतरा बन सकती है। रामकृष्ण पटेल इसी बीमारी से पीड़ित था।

टीम के साथ इलाज करते डॉ राहुल अग्रवाल एवं डॉ आशुतोष जायसवाल

डॉ. राहुल अग्रवाल की देखरेख में जारी है उपचार :- 

ऑपरेशन के बाद बालक रामकृष्ण पटेल को शहर के स्पर्श हॉस्पिटल में भर्ती रखा गया है, जहां सर्जन डॉ. राहुल अग्रवाल (एमबीबीएस, एमएस) की देखरेख में उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

आधुनिक तकनीक से मरीजों को मिल रही बेहतर सुविधा :- 

दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष कुमार जायसवाल की क्लीनिक में अत्याधुनिक ओस्टेम डेंटल चेयर उपलब्ध है, जो आधुनिक दंत चिकित्सा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें एडवांस एलईडी ऑपरेटिंग लाइट, संक्रमण नियंत्रण की विशेष व्यवस्था और मरीजों को अधिकतम आराम देने वाली तकनीक मौजूद है। इस आधुनिक सुविधा के कारण सक्ती और आसपास के अंचल के मरीजों को अब बड़े शहरों जैसी बेहतर दंत चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही है।

नगर के सुप्रसिद्ध दंत चिकित्सक डॉ. आशुतोष जायसवाल

सक्ती में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में पहली बड़ी सर्जरी

10 वर्षीय बालक के जबड़े से डेंटिजेरस सिस्ट निकालने की यह सर्जरी सक्ती जिले में दंत चिकित्सा के क्षेत्र की पहली बड़ी और जटिल सफल सर्जरी मानी जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस प्रकार का सफल ऑपरेशन होने से अब अंचल के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक तकनीक की उपलब्धता से यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखती है।

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“बच्चे के जबड़े में डेंटिजेरस सिस्ट काफी बढ़ चुकी थी, जिसके कारण उसे लगातार दर्द और सूजन की समस्या हो रही थी। समय पर जांच और सर्जरी किए जाने से बड़ी परेशानी टल गई। यदि इस प्रकार की सिस्ट का समय रहते उपचार नहीं किया जाए तो यह जबड़े की हड्डियों और दांतों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के सहयोग से ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। दांत या मसूड़ों में लगातार दर्द, सूजन अथवा गांठ जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।”

डॉ. आशुतोष जायसवाल

दंत रोग विशेषज्ञ, सक्ती (आशुतोष डेंटल क्लिनिक, सक्ती)

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