सक्ती जनपद का मामला: नवापाराखुर्द पंचायत में सरपंच पक्ष पर गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप, सचिव पर दबाव बनाकर मनमाने भुगतान कराने की शिकायत, अनियमित कार्यों का विरोध करने पर सचिव को हटाने रची जा रही साजिश

जनपद सदस्य सहित ग्रामीणों और पंचों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कहा — अनियमित कार्यों का विरोध करने पर सचिव को हटाने रची जा रही साजिश
सक्ती। जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द में पंचायत कार्यों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। जनपद सदस्य, ग्रामवासियों एवं पंचगणों ने कलेक्टर सक्ती को सामूहिक ज्ञापन सौंपते हुए पंचायत में गंभीर अनियमितताओं, मनमाने ढंग से कार्य कराने और सचिव पर दबाव बनाकर राशि आहरण कराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते पंचायत व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं तथा सचिव को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में पंचायत की सरपंच पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत की सरपंच एक आदिवासी महिला हैं, जिन्हें उपसरपंच एवं कुछ पंचों द्वारा बहकाकर पंचायत के कार्यों में मनमानी कराई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कई ऐसे कार्य कराए जा रहे हैं जिनमें गुणवत्ता का अभाव है और कम कार्य कर अधिक राशि निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

“बिना कार्य पूर्ण किए राशि निकालने बनाया जा रहा दबाव” :-
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि पंचायत सचिव नितेश कुमार गबेल पिछले लगभग 4 से 5 वर्षों से ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द में पदस्थ हैं और शासन की योजनाओं को गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव नियमित रूप से पंचायत में उपस्थित रहकर आम जनता के कार्यों का निराकरण करते रहे हैं और पंचायत के कार्यों को जिम्मेदारीपूर्वक संचालित कर रहे हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में कुछ कार्य ऐसे हैं जिनमें बिना कार्य पूर्ण किए ही राशि आहरण कराने का दबाव सचिव पर बनाया जा रहा है। साथ ही कुछ निर्माण कार्य बिना निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिना स्टिमेट के कार्य कराकर अधिक राशि निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सचिव द्वारा इसका विरोध किए जाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
“सचिव को हटाकर भुगतान से बचना चाहते हैं जिम्मेदार” :-
ग्रामीणों ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया है। ज्ञापन के अनुसार पंचायत में बोर खनन, पंप स्थापना एवं हैंडपंप सामग्री खरीदी जैसे कार्य सचिव के माध्यम से कराए गए थे, लेकिन संबंधित भुगतान अब तक नहीं किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भुगतान से बचने के लिए सचिव को पंचायत से हटाने का माहौल तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत में कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए गांव के माहौल को खराब कर रहे हैं और सचिव के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर ग्रामवासियों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है।
जनपद स्तर के अधिकारियों पर भी लगाया समर्थन का आरोप :-
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पंचायत सचिव को हटाने के मामले में जनपद पंचायत के कुछ अधिकारियों का भी अप्रत्यक्ष समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि पंचायत सचिव नितेश कुमार गबेल का स्थानांतरण किया जाता है तो ग्रामवासी आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द की कार्यप्रणाली पर कई सवाल हो गए हैं खड़े :-
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सक्ती, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधीक्षक सक्ती तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सक्ती को भी प्रेषित की गई है। इस पूरे मामले ने ग्राम पंचायत नवापाराखुर्द की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है और पंचायत में चल रहे विवाद का समाधान किस प्रकार किया जाता है।




