बिना लाइसेंस उर्वरक भंडारण पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 82 बोरी खाद जब्त, कालाबाजारी की आशंका पर नोटिस जारी

सक्ती/डभरा। जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध बिक्री पर कृषि विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो एवं उप संचालक कृषि श्री तरुण कुमार प्रधान के मार्गदर्शन में जिला एवं विकासखंड स्तरीय दल द्वारा सतत निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 25 मई 2026 को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर विकासखंड डभरा के ग्राम पुटीडीह में बड़ी कार्रवाई की गई। जांच दल ने श्री दिलीप कुमार साहू, पिता श्री गणेश राम साहू के घर में छापा मारकर बिना वैध दस्तावेज के लगभग 82 बोरी (4.100 मीट्रिक टन) 20:20:0:13 उर्वरक का भंडारण पकड़ा।
मौके पर जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति से उर्वरक क्रय संबंधी बिल-वाउचर एवं जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। प्रथम दृष्टया मामला उर्वरक की कालाबाजारी कर किसानों को अधिक कीमत पर बेचने का प्रतीत होने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खंड 28 (1) (डी) के तहत कार्रवाई करते हुए उर्वरक निरीक्षक द्वारा पूरी खेप को जब्त कर संबंधित व्यक्ति के सुपुर्द किया गया। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक श्री राजेंद्र कुमार पटेल, नायब तहसीलदार डभरा श्री आशीष पटेल, हल्का पटवारी एवं ग्राम कोटवार मौजूद रहे।
कृषि विभाग की अपील
कृषि विभाग ने विकासखंड के सभी उर्वरक विक्रेताओं, भंडारणकर्ताओं एवं किसानों से अपील की है कि बिना वैध लाइसेंस के उर्वरकों का भंडारण, परिवहन अथवा विक्रय न करें। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण अथवा कालाबाजारी करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं किसानों से आग्रह किया गया है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें, पक्का बिल अवश्य लें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल विकासखंड कृषि कार्यालय को दें।




