जब एक साथ जले 4 लाख दीप… रोशनी में नहा उठा पूरा सक्ती जिला, गांव-गांव से शहर तक दिखा सेवा और संकल्प का उजाला

‘आशीर्वाद का दीया’ ने रचा जनभागीदारी का अनूठा दृश्य,
सक्ती। शाम के ठीक 7 बजे… सक्ती जिले के गांवों से लेकर शहरों तक अचानक एक साथ दीप जगमगाने लगे। घरों की चौखट, मंदिर परिसर, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, महाविद्यालय, अमृत सरोवर, जलाशय, गोधाम और शासकीय कार्यालय—हर तरफ दीपों की कतार नजर आई। अवसर था ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का।

लगभग 4 लाख दीपों की सामूहिक रोशनी ने सक्ती जिले को एक अलग ही आभा से भर दिया। यह केवल दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि जिले के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों से उमड़ी जनभागीदारी का ऐसा दृश्य बना, जिसने सेवा, समर्पण, सुशासन और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।
हर घर बना दीपों का आंगन
‘हर घर दीया’ की भावना के साथ जिले के गांव-गांव और घर-घर में लोगों ने दीप प्रज्वलित किए। महिलाओं, युवाओं, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, अधिकारी-कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
गांवों की गलियां और चौक-चौराहे रोशनी से जगमगाते नजर आए। वहीं नगरीय क्षेत्रों में भी लोगों ने अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाकर अभियान में सहभागिता दर्ज कराई।
दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम में 7100 दीपों से बना रोशनी का महासागर
जिला स्तरीय मुख्य आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेडियम, सक्ती में हुआ। लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यहां करीब 7100 दीप एक साथ प्रज्वलित किए गए। हजारों दीपों से सजा स्टेडियम परिसर देखते ही बन रहा था।
मंदिरों से अमृत सरोवर तक… हर जगह रोशनी
‘आशीर्वाद का दीया’ की रोशनी जिले के धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंची। जनपद पंचायत सक्ती क्षेत्र में तुर्रीधाम मंदिर, ऋषभतीर्थ मंदिर, पंचायत भवन, अमृत सरोवर, चौराहों, पीएम आवास और शासकीय उचित मूल्य दुकानों सहित विभिन्न स्थानों पर दीप जलाए गए।
डभरा क्षेत्र में चंद्रहासिनी मंदिर चंद्रपुर, शिव मंदिर साराडीह, चैत देवी मंदिर सपोस, हनुमान मंदिर पेंडरूवा, जगन्नाथ मंदिर शंकरपाली, श्रीराम मंदिर किरारी, बिलाईगढ़ीन मंदिर कांसा और शिव मंदिर साल्हे सहित विभिन्न स्थान दीपों से जगमगाए।
मालखरौदा क्षेत्र में मां अष्टभुजी मंदिर अड़भार सहित पंचायत भवनों, मंदिर परिसरों, पीएम आवास, चौराहों और अमृत सरोवरों में दीप प्रज्वलित किए गए। जैजैपुर क्षेत्र में मां महामाया मंदिर परिसर सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए गए।
बैराज, जलाशय, जेल से लेकर अस्पताल तक पहुंची रोशनी
इस आयोजन की खासियत यह रही कि दीप प्रज्वलन केवल घरों और मंदिरों तक सीमित नहीं रहा। साराडीह बैराज, देवरी जलाशय, मिरौनी बैराज, उप जेल सक्ती, ग्रामीण औषधालयों, वेयर हाउस, महाविद्यालयों, छात्रावासों और शासकीय कार्यालयों सहित विभिन्न स्थानों पर भी दीप प्रज्वलित किए गए।
नगरीय निकाय क्षेत्रों में अटल परिसर सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर भी लोगों ने दीप जलाकर आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।
योजनाओं के हितग्राहियों ने भी जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’
प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों ने भी अपने-अपने घरों में दीप जलाकर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई। इससे अभियान की पहुंच सीधे उन परिवारों तक भी दिखाई दी, जो विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।
एक समय, एक साथ जले दीप और बना एकजुटता का दृश्य
शाम 7 बजे जब जिलेभर में चिन्हित स्थलों पर एक साथ दीप प्रज्वलित हुए तो सक्ती ने जनभागीदारी की एक अद्भुत तस्वीर पेश की। अलग-अलग गांवों और शहरों में एक ही समय पर जगमगाते दीपों ने पूरे जिले को मानो एक सूत्र में बांध दिया।
चार लाख दीपों की यह रोशनी सेवा, समर्पण, सुशासन, जनकल्याण और सामाजिक एकजुटता के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनी। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम ने यह भी दिखाया कि जब किसी अभियान में समाज के अलग-अलग वर्ग एक साथ सहभागी बनते हैं, तो वह आयोजन महज कार्यक्रम नहीं रह जाता, बल्कि जनआंदोलन का स्वरूप लेने लगता है।
सक्ती की रात में जले चार लाख दीपों ने सिर्फ अंधेरा नहीं मिटाया, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प की एक ऐसी तस्वीर बनाई, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।




