लापरवाही ऐसी कि प्रार्थना तक नहीं पहुंचे कोई भी शिक्षक

हसौद। प्रार्थना तक कोई भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे ऐसी ही लापरवाही मिडिल स्कूल देवरघटा हसौद में देखने को मिली ।
यह घटना 11 सितंबर 2025 में अचानक निरीक्षण पर पहुंचे देवरघटा के ही हाई स्कूल के प्रभारी प्राचार्य दिलेश्वर लहरें जब औचक निरीक्षण पर मिडिल स्कूल देवरघटा सुबह 10:00 बजे पहुंचने पर उन्होंने देखा की सारे बच्चे प्रार्थना के समय पहुंच गए हैं, मगर मिडिल स्कूल के सारे शिक्षक नदारत है, जबकि यहां चार शिक्षक पदस्थ हैं।जैसे तैसे प्रार्थना के समय सभी बच्चों को लाइन लगाकर प्रार्थना की प्रक्रिया दिलेश्वर लहरें प्रभारी प्राचार्य देवघघटा हाई स्कूल द्वारा पुरी की गई ,प्रार्थना उपरांत 10:20 में टीचर एक-एक कर आने लगे तब उन्होंने पूछा आपके हेड मास्टर कहां है तब एक शिक्षक ने बताया कि वह छुट्टी पर है लेकिन आवेदन दिखा नहीं पाए ,जब लेट आने के बात उन्होंने पूछी तो जवाब भी नहीं दे पाए। यहां सभी शिक्षकों का लेटआना प्रतिदिन का रूटिंग का काम है।
और स्कूल में पढ़ाई का आलम यह है की तीन विषय में अंग्रेजी ,संस्कृत और हिंदी की प्रथम पाठ तक नहीं पढ़ाई गई है, हेडमास्टर भी ई ओ के साथ रायपुर घूम रहे हैं, यह कहावत चरितार्थ करती है की सैंया भए कोतवाल तो अब डर काहे का मिडिल स्कूल के हेड मास्टर दिलीप कश्यप से उनके पक्ष जानने के लिए मोबाइल से संपर्क गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
वर्जन
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हां मैंने 11 सितंबर को 10:00 बजे मिडिल स्कूल निरीक्षण पर पाया की प्रार्थना के समय कोई भी शिक्षक उपस्थित नहीं थे, तो मैंने प्रार्थना करवाई एवं 10:20 के बाद शिक्षक एक-एक कर पहुंचे एवं हेड मास्टर के बारे में पूछने पर छुट्टी लेने की बात कही लेकिन आवेदन पत्र नहीं दिखा पाए।
दिलेश्वर लहरे
प्रभारी प्राचार्य शासकीय उच्च विद्यालय देवरघटा हसौद
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समय पर विद्यालय नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों को नोटिस जारी की गई है। एवं मिडिल स्कूल हेडमास्टर दिलीप कश्यप मेरे साथ रायपुर गए थे।
विजय सिदार
बी ई ओ जैजैपुर




