42.78 लाख की धोखाधड़ी मामले में जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू को सत्र न्यायालय से जमानत

जेल से रिहा होते ही बोले विधायक बालेश्वर साहू – “मुझे फर्जी केस में फंसाया गया”, समर्थकों ने मनाया जश्न
जांजगीर-चांपा | छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सहकारी बैंक से जुड़े धोखाधड़ी मामले में जमानत मिलने के बाद जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू बुधवार को जिला जेल से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर और नारेबाजी कर अपने नेता का जोरदार स्वागत किया।
जेल के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक बालेश्वर साहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक फर्जी मामले में जानबूझकर फंसाया गया है। विधायक साहू ने आरोप लगाया कि किसान राजकुमार शर्मा ने राज्य सरकार पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ साजिश रची, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
रिहाई के दौरान विधायक बालेश्वर साहू विशेष रूप से चर्चा में रहे। वे जेल से बाहर आते समय बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर और भारतीय संविधान की प्रति हाथ में लिए नजर आए। इसके बाद वे संविधान की प्रति को लेकर कार में सवार हुए और “सत्यमेव जयते” कहते हुए समर्थकों का अभिवादन किया।
जेल परिसर में विधायक के स्वागत के लिए पामगढ़ के विधायक शेषराज हरवंश, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह और जश्न का माहौल देखने को मिला।
उल्लेखनीय है कि विधायक बालेश्वर साहू को 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सत्र न्यायालय से 50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत मिली है। हालांकि, मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशानुसार जारी रहेगी।
जमानत और रिहाई के बाद जिले की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है।




