सक्ती: तालाब किनारे पलटी जिंदगी: रेत से भरा ट्रैक्टर बना मौत का पहिया, युवक जिंदा ही दबा और डूबा

सक्ती/सारागांव। सुबह का समय… रोज की तरह काम पर निकले तीन युवक… लेकिन कुछ ही घंटों में एक की सांसें हमेशा के लिए थम गईं। ग्राम कचंदा के पास सवाईन तालाब के किनारे हुआ यह हादसा पूरे इलाके को झकझोर गया, जहां एक ट्रैक्टर पलटने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम सारागांव से निकले प्रभात केंवट अपने साथियों संजय कुमार यादव और शिव कुमार केंवट के साथ हसदेव नदी से रेत भरकर ट्रैक्टर से सेंदरी की ओर जा रहे थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन कचंदा पहुंचते ही हालात अचानक बदल गए।
एक झटका… और खत्म हो गई जिंदगी
तालाब के पास जैसे ही ट्रैक्टर आगे बढ़ा, वह अचानक असंतुलित हुआ और देखते ही देखते तालाब में पलट गया। ट्रैक्टर चला रहे प्रभात केंवट संभल भी नहीं पाए और सीधे उसके नीचे दब गए।
बचने का मौका नहीं मिला
हादसा इतना तेज और अचानक था कि प्रभात न तो बाहर निकल पाए और न ही कोई मदद मिल पाई। ट्रैक्टर के नीचे दबने के साथ ही तालाब के पानी में डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
दो साथी कूदे, मौत से बच निकले
हादसे के वक्त साथ में बैठे संजय कुमार यादव और शिव कुमार केंवट ने समय रहते ट्रैक्टर से छलांग लगा दी, जिससे उनकी जान बच गई।
गांव में पसरा सन्नाटा
जैसे ही घटना की खबर गांव पहुंची, पूरे सारागांव में सन्नाटा पसर गया। परिवार के लोग बेसुध हो गए—जिसे सुबह हंसते हुए विदा किया था, वह शाम तक लाश बनकर लौट आया।
लापरवाही या हादसा?
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि तेज रफ्तार और असावधानी ने एक परिवार का सहारा छीन लिया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।




