बिना लाइसेंस यूरिया खाद का अवैध भंडारण पकड़ा गया, कृषि विभाग की छापामार कार्रवाई में 60 बोरी यूरिया जब्त

उर्वरक की कालाबाजारी पर विभाग की बड़ी कार्रवाई, किसानों को अधिक दाम पर बेचने की आशंका
डभरा। जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण पर कृषि विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है। कलेक्टर के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में जिला एवं विकासखंड स्तरीय दल द्वारा लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड डभरा के ग्राम बिरहाभांठा में अवैध रूप से यूरिया खाद भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है।
प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 19 मई 2026 को विकासखंड स्तरीय दल द्वारा ग्राम बिरहाभांठा निवासी बाबूलाल उरांव पिता परशुराम उरांव के घर पर छापामार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान वहां बिना वैध दस्तावेज के 60 बोरी यानी लगभग 2.700 मीट्रिक टन नीमलेपित यूरिया खाद का भंडारण पाया गया।
दस्तावेज नहीं दिखा पाए, कालाबाजारी की आशंका गहराई
जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति से यूरिया खाद के क्रय बिल एवं जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद प्रथम दृष्टया मामला उर्वरक की कालाबाजारी एवं किसानों को अधिक दर पर खाद बेचने से जुड़ा प्रतीत हुआ।
स्थिति को देखते हुए उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खंड 28 (1)(डी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उर्वरक निरीक्षक डभरा द्वारा पूरे 60 बोरी नीमलेपित यूरिया को जब्त कर लिया गया। साथ ही संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जब्त खाद को कोटवार की सुपुर्दगी में रखा गया
कार्रवाई के बाद जब्त किए गए उर्वरक को ग्राम के कोटवार गंगाधर चौहान की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है। कृषि विभाग द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोष सिद्ध होने पर संबंधित के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
कृषि विभाग की अपील — बिना लाइसेंस खाद भंडारण न करें
कृषि विभाग ने विकासखंड के सभी उर्वरक विक्रेताओं, भंडारणकर्ताओं एवं किसानों से अपील की है कि बिना वैध लाइसेंस के उर्वरकों का भंडारण, परिवहन अथवा विक्रय न करें। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से खाद का भंडारण या कालाबाजारी करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही किसानों से भी अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदने और पक्का बिल लेने की अपील की गई है। किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल विकासखंड कृषि कार्यालय को देने कहा गया है।
कार्रवाई के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
उक्त कार्रवाई के दौरान विकासखंड डभरा के उर्वरक निरीक्षक आर.के. पटेल, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हेमसागर पटेल, हल्का पटवारी हरिशंकर पटेल एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे।




