जांजगीर चांपा

चर्चित करही गोलीकांड का खुलासा : “ऑपरेशन हंट” रहा सफल, शूटर सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

गिरफ्तार आरोपी
हेमंत कुमार बघेल, उम्र 23 वर्ष
निवासी – वार्ड नं. 11, करही, थाना बिर्रा, जिला सक्ती
भूषण बघेल, उम्र 23 वर्ष
निवासी – वार्ड नं. 01, करही, थाना बिर्रा, जिला सक्ती
अमित टंडन, उम्र 28 वर्ष
निवासी – वार्ड नं. 09, करही, थाना बिर्रा, जिला सक्ती (छ.ग.)

जांजगीर-चांपा ‌। घटना का संक्षिप्त विवरण किस प्रकार है कि दिनांक 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में 03 नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि उसके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था।

घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड एवं फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे तथा अधिकारियों की बैठक लेकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम करही में विशेष पुलिस कैम्प स्थापित कर रेंज के कई अधिकारियों को शामिल करते हुए रेंज स्तरीय टीम का गठन किया गया।

07 राज्यों तक पहुंची जांच
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली एवं जम्मू-कश्मीर सहित 07 राज्यों में दबिश दी। जांच के दौरान
200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई ,शसाइबर एवं आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही।

ऑपरेशन हंट” बना टर्निंग पॉइंट
प्रशिक्षण से लौटने के बाद पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय सीधे ग्राम करही पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मामले की समीक्षा की। इसके बाद “ ऑपरेशन हंट” की शुरुआत की गई और टीमों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पूर्व में अवैध हथियार देखा गया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच पुराने आर्थिक एवं व्यवसायिक विवाद थे।

हत्या के पीछे की वजह
पूछताछ में आरोपी भूषण बघेल ने खुलासा किया कि उसके भाई द्वारा लिए गए उधार के पैसों को लेकर मृतक के परिवार से लगातार विवाद चल रहा था।आरोपियों को मृतक आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक स्थिति और प्रभाव से जलन थी। व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के कारण आरोपी स्वयं को नुकसान में महसूस कर रहे थे। इसी द्वेष और प्रतिशोध की भावना से हत्या की साजिश रची गई।


वारदात को ऐसे दिया अंजाम
घटना की रात तीनों आरोपी मृतक के घर के आसपास पहले से मौजूद थे। अन्य सहयोगियों द्वारा CCTV कैमरा तोड़ने के बाद आरोपी घर में घुसे। आरोपियों ने पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया और फिर आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पूछताछ में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। मामले में मुख्य साजिशकर्ता एवं अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पॉल के सतत् निर्देशन में , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप और उदयन बेहार के नेतृत्व में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, साइबर थाना जांजगीर, थाना बिर्रा, बम्हनीडीह, मुलमुला रेंज साइबर सेल एवं जिला पुलिस बल के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही। उक्त घटना के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा पूरी टीम को शाबाशी देते हुए उचित ईनाम देने की घोषणा की है।

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