सक्ती जिला

खरीफ 2026 : किसानों को खाद की नहीं होगी कमी, पर्याप्त भंडारण के साथ प्रशासन सतर्क

सक्ती। खरीफ वर्ष 2026 को लेकर किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप संचालक कृषि, जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में किसानों को खाद वितरण में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जा रही है तथा यूरिया और सुपर फास्फेट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को आवश्यकता अनुसार लगातार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।


विभागीय जानकारी के अनुसार इस वर्ष पारंपरिक यूरिया की आपूर्ति पिछले वर्ष की कुल मात्रा का लगभग 80 प्रतिशत की जा रही है, जबकि शेष 20 प्रतिशत आपूर्ति बाद में उपलब्ध कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इसकी पूर्ति नैनो यूरिया के माध्यम से की जाएगी। वहीं डीएपी खाद की उपलब्धता पिछले वर्ष की तुलना में 60 प्रतिशत रखी गई है तथा शेष 40 प्रतिशत की पूर्ति वैकल्पिक एनपीके खाद एवं नैनो डीएपी से की जाएगी।


कृषि विभाग द्वारा किसानों को संतुलित पोषण अपनाने की सलाह दी गई है। विभाग ने बताया कि एक बोरी डीएपी के विकल्प के रूप में 3 बोरी एसएसपी या 2 बोरी अमोनियम फास्फेट सल्फेट का उपयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त 1 बोरी टीएसपी के साथ 2 बोतल नैनो यूरिया एवं 2 बोतल नैनो डीएपी भी प्रभावी विकल्प हैं। इससे डीएपी पर निर्भरता कम होगी और फसलों को संतुलित पोषक तत्व मिल सकेंगे।


जिले की 96 समितियों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में लगातार रेक पहुंच रही हैं और खाद का भंडारण तेजी से जारी है। समितियों को कुल 28 हजार 750 मीट्रिक टन उर्वरक लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें से अब तक 16 हजार 894 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है।


खाद की कालाबाजारी रोकने प्रशासन ने सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है। जिला स्तरीय एवं विकासखंड स्तरीय निरीक्षण दल लगातार निगरानी कर रहे हैं। अब तक 113 विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। अनियमितता पाए जाने पर 5 विक्रय केन्द्रों के प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं, जबकि 58 केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बिना पॉस मशीन के खाद वितरण करने वालों पर भी कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार समय पर खाद का उठाव करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि जिले में किसानों को खाद की किसी प्रकार की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।

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