छत्तीसगढ़ स्थापना रजत जयंती पर आत्मानंद विद्यालय कसेर पारा में पहला पूर्व छात्र सम्मेलन, ऐतिहासिक प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र– शून्य से शिखर तक की प्रेरक कहानियां

सक्ती– छत्तीसगढ़ स्थापना रजत जयंती के अवसर पर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, कसेर पारा, सक्ती में विकासखंड का पहला पूर्व छात्र सम्मेलन ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती कुमुदिनी द्विवेदी के मार्गदर्शन एवं प्राचार्य श्रीमती पी. गबेल तथा व्याख्याता श्री देवाशीष बनर्जी के अथक प्रयासों से आयोजित किया गया।
विद्यालय प्रांगण में आयोजित इस सम्मेलन में पूर्व छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और आमजन की बड़ी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और छात्रा ममता साहू के स्वागत गीत से हुआ।

प्रदर्शनी का आकर्षण:
छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई मिट्टी की मूर्तियां, खिलौने, ग्रीटिंग कार्ड, चित्रकला और हस्तकला प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रही। इसके साथ ही, शक्ति निवासी उद्योगपति और ऐतिहासिक वस्तुओं के संग्रहकर्ता श्री हरिओम अग्रवाल ने दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई, जिसमें शक्ति रियासत की प्राचीन वस्तुएं, मुगलकालीन धरोहरें, विभिन्न देशों के सिक्के और नोट शामिल थे। दर्शकों ने इस प्रदर्शनी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
पूर्व छात्रों के प्रेरक संदेश:
वरिष्ठ अधिवक्ता श्री दिगंबर चौबे, वरिष्ठ पत्रकार श्री शमशतमरेज खान, विकास विस्तार अधिकारी सुश्री अन्नपूर्णा कशेर, शिक्षक श्री राजकुमार अग्रवाल, सहायक प्राध्यापक श्री रविंद्र थवाईत और शिक्षिका व पूर्व छात्रा सुश्री सुषमा कशेर ने अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरण साझा किए। उन्होंने वर्तमान छात्रों को संघर्ष, परिश्रम और दृढ़ संकल्प से सफलता पाने के लिए प्रेरित किया।
विशेष संदेश:
वरिष्ठ अधिवक्ता दिगंबर चौबे, शिक्षक राजकुमार अग्रवाल, विकास विस्तार अधिकारी अन्नपूर्णा कसेर, सुषमा कसेर, विनीता, रविन्द्र थवाईत, सुमित शर्मा ने डिजिटल और तकनीकी युग में सामान्य ज्ञान को अपडेट रखने का महत्व बताया।
श्री हरिओम अग्रवाल ने धरोहरों के संरक्षण और शौक को जीवित रखने की प्रेरणा दी। विकासखंड शिक्षाअधिकारी श्री दिलीप पटेल ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन में यह जानकर गर्व हुआ कि कार्यक्रम के सूत्रधार श्री देवाशीष बनर्जी स्वयं इसी सरकारी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं, जिनका मंच पर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री देवाशीष बनर्जी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्राचार्य श्रीमती पी. गबेल ने किया। कसेर पारा विद्यालय के इतिहास में पहली बार आयोजित यह पूर्व छात्र सम्मेलन और ऐतिहासिक प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय रही।




