भाजपा जिलाध्यक्ष के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- ‘सनातन पर सर्टिफिकेट बांटने की राजनीति बंद करे भाजपा

सक्ती। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल द्वारा दिए गए बयान पर जिले की राजनीति गरमा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी सक्ती की अध्यक्ष रश्मि गबेल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को सनातन और भगवान राम के प्रति आस्था का प्रमाणपत्र भाजपा से लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
देर शाम जारी बयान में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रश्मि गबेल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत एक सम्मानित, वरिष्ठ एवं सनातनी विचारधारा का पालन करने वाले जननेता हैं। उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर भाजपा सस्ती राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी विफलताओं और जनसमस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक भावनाओं का सहारा ले रही है।
आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता महंगाई, बिजली संकट, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन भाजपा नेता इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम और सनातन संस्कृति के नाम पर राजनीति करने वालों को जनहित के मुद्दों पर भी जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि भगवान राम का ननिहाल छत्तीसगढ़ माना जाता है और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ‘राम वन गमन पथ’ के निर्माण के माध्यम से राम संस्कृति के संरक्षण का ऐतिहासिक कार्य किया था। उन्होंने भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब इस राजनीति को समझ चुकी है।
उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष टिकेश्वर गबेल से डॉ. चरणदास महंत एवं प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
महामंत्री गिरधर जायसवाल ने भी की बयान की निंदा
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गिरधर जायसवाल ने भी भाजपा जिलाध्यक्ष के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों और ‘सुशासन तिहार’ की कथित विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पेयजल की समस्या बनी हुई है। हरेठी और कंचनपुर जैसे क्षेत्रों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं, लेकिन भाजपा नेताओं का ध्यान जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर केंद्रित है।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा से जनहित के मुद्दों पर जवाब देने और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता विकास और सुशासन चाहती है, न कि धार्मिक और राजनीतिक विवादों की राजनीति।




