सक्ती जिला

ओटीपी सुविधा बंद होने से राशन वितरण व्यवस्था पर बढ़ी परेशानी, बुजुर्ग और मजदूर परिवार सबसे अधिक प्रभावित

सक्ती। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में राशन वितरण के लिए पहले उपलब्ध ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) की सुविधा लगभग बंद होने के बाद अब पूरी व्यवस्था बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट) पर निर्भर हो गई है। ऐसे में फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने के कारण बुजुर्गों, बीमारों, दिव्यांगों और पलायन कर मजदूरी करने वाले परिवारों के बच्चों को राशन प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

फिंगरप्रिंट नहीं मिलने से लौट रहे हितग्राही :- 

ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे बुजुर्ग एवं मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग हैं, जिनके हाथों के निशान मशीन पर सही तरीके से नहीं आ पाते। कई बार लगातार प्रयास के बावजूद बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं होने से उन्हें बिना राशन लिए वापस लौटना पड़ता है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने खाद्यान्न संकट की स्थिति बन रही है।

पलायन करने वाले मजदूर परिवारों के बच्चों पर असर :- 

काम की तलाश में दूसरे शहरों और राज्यों में जाने वाले मजदूर अपने बच्चों को गांव में छोड़ जाते हैं। पहले ओटीपी सुविधा के माध्यम से राशन प्राप्त करने में कुछ राहत मिल जाती थी, लेकिन अब यह सुविधा सीमित होने से बच्चों को उनके हिस्से का राशन मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। इससे कई परिवारों की खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

दिव्यांग और असहाय लोगों के लिए बढ़ी मुश्किल :- 

चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग हितग्राही स्वयं राशन दुकान तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों के लिए बायोमेट्रिक आधारित व्यवस्था परेशानी का कारण बन गई है, क्योंकि उनके स्थान पर अन्य सदस्य आसानी से राशन प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

‘अपवाद रजिस्टर’ से राशन देने का प्रावधान :- 

खाद्य विभाग के नियमों के अनुसार यदि किसी हितग्राही का फिंगरप्रिंट मशीन से सत्यापित नहीं हो पाता है, तो उचित मूल्य दुकान संचालक को “अपवाद रजिस्टर” में प्रविष्टि कर राशन वितरण करना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई स्थानों पर हितग्राहियों को इस व्यवस्था की जानकारी नहीं होने या प्रक्रिया का पालन नहीं होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हितग्राहियों ने मांगी वैकल्पिक व्यवस्था :- 

ग्रामीणों और उपभोक्ताओं का कहना है कि फिंगरप्रिंट सत्यापन में आ रही लगातार समस्याओं को देखते हुए सरकार को पुनः ओटीपी अथवा अन्य वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही राशन से वंचित न रहे और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ सभी तक सुचारू रूप से पहुंच सके।

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