48 घंटे से बिजली-पानी संकट, ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
महिलाओं ने सिर पर घड़े रखकर जताया विरोध, शक्ति-कोरबा मुख्य मार्ग घंटों बाधित

सक्ती। जिला मुख्यालय शक्ति से महज एक किलोमीटर दूर ग्राम कंचनपुर में बिजली और पानी की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। गांव में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने और पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने सुबह करीब 11 बजे शक्ति-कोरबा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान महिलाओं ने सिर पर पानी के घड़े और बर्तन रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ट्रांसफार्मर पिछले 48 घंटे से खराब पड़ा हुआ है, जिसकी सूचना बिजली विभाग, सरपंच और जनप्रतिनिधियों को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। ट्रांसफार्मर खराब होने से गांव के पानी पंप बंद पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं और दूसरे स्थानों से पानी लाने को मजबूर हैं।
भीषण गर्मी के बीच बिजली नहीं होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग की उदासीनता से लोगों में आक्रोश बढ़ता गया, जिसके बाद उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस थाना शक्ति के टीआई लखन पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देने का प्रयास किया। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद पुलिस प्रशासन ने संबंधित विभाग तक मामला पहुंचाकर शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद काफी देर बाद जाम समाप्त हुआ।
चक्का जाम के चलते शक्ति-कोरबा मुख्य मार्ग पर सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह मार्ग कोरबा जाने का प्रमुख रास्ता होने के साथ-साथ पेट्रोल पंप, स्कूल और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंच का मुख्य मार्ग भी है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।




