सक्ती जिलासक्ती नगर

सतगढ़ खदान संचालक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, कहा—वैध लीज पर नियमों के तहत हो रहा खनन

लोकेश चंद्रा का दावा—नियमित रूप से जमा की जा रही रॉयल्टी, सैकड़ों लोगों को मिला रोजगार, ट्रैक्टर हादसे पर भी बताई वास्तविक स्थिति

सक्ती। ग्राम सतगढ़ में संचालित पत्थर खदान को लेकर की गई शिकायत और प्रकाशित आरोपों पर खदान संचालक लोकेश चंद्रा एवं लालसाय खूंटे ने अपना पक्ष रखते हुए उन्हें निराधार एवं वास्तविकता से परे बताया है। उन्होंने कहा कि खदान के लिए 30 वर्षों की वैध लीज प्राप्त है और स्वीकृत क्षेत्र में सभी आवश्यक नियमों का पालन करते हुए खनन कार्य किया जा रहा है।

लोकेश चंद्रा ने कहा कि खदान प्रबंधन शासन को निर्धारित रॉयल्टी का नियमित भुगतान कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि ग्राम पंचायत को भी नियमानुसार रॉयल्टी एवं अन्य मदों से राशि प्राप्त होती है। इससे आसपास के क्षेत्र में विकास कार्य कराने में सहायता मिलती है।

पंचायत को मिलती है बड़ी राजस्व राशि :-

खदान संचालक ने बताया कि खनन गतिविधियों से ग्राम पंचायत को प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ 25 लाख रुपये की राशि प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग स्थानीय स्तर पर विभिन्न विकास कार्यों में किया जाता है। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्र में वृक्षारोपण, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी नियमानुसार की गई हैं।
उनका कहना है कि खदान से क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। स्थानीय श्रमिकों, वाहन चालकों और खनन गतिविधियों से जुड़े परिवारों की आजीविका इससे संचालित हो रही है।

ट्रैक्टर हादसे का खदान से संबंध नहीं :-

खदान की खाई में ट्रैक्टर गिरने की घटना पर लोकेश चंद्रा ने कहा कि इसे गलत तरीके से खदान की सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर चालक को सांप ने काट लिया था। चालक के ट्रैक्टर से हड़बड़ा कर उतरने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया था।
चालक को सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे रायगढ़ रेफर किया गया। वर्तमान में चालक स्वस्थ है। संचालक ने कहा कि इस घटना में न चालक की लापरवाही थी और न ही खदान प्रबंधन की कोई गलती।

लीज क्षेत्र के भीतर ही किया जा रहा खनन :-

लोकेश चंद्रा ने स्पष्ट किया कि खनन कार्य केवल लीज पर प्राप्त भूमि के भीतर किया जा रहा है। शासन के नियमों और स्वीकृत शर्तों के अनुसार ही खदान का संचालन किया जाता है। उन्होंने कहा कि खदान से संबंधित वैध दस्तावेज, अनुमति और रॉयल्टी भुगतान के अभिलेख उनके पास उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी एवं आर्थिक स्वार्थ के कारण फर्म को बदनाम करने के उद्देश्य से बेबुनियाद शिकायतें कर रहे हैं। पूर्व में सामने आए आरोपों में खदान की वैधता, दुर्घटना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों को सही रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए खदान को अवैध बताना उचित नहीं है। खदान निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रही है और इससे शासन एवं ग्राम पंचायत को राजस्व मिलने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है।

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