चार सूत्रीय मांगों को लेकर सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ और धान खरीदी ऑपरेटर संघ ने सौंपा ज्ञापन

सक्ती। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर (प्रांतीय संगठन) और समर्थन मूल्य धान खरीदी ऑपरेटर संघ सक्ती द्वारा मुख्यमंत्री एवं खाद्य मंत्री के नाम कलेक्टर बिलासपुर को चार सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की 2058 सहकारी समितियाँ और 2739 उपार्जन केंद्र किसानों को सेवा दे रही हैं, परंतु समय पर धान परिवहन और भुगतान न होने से समितियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके कारण कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने बताया कि शासन की पूर्व स्वीकृति और सचिव स्तर की बैठकों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वर्ष 2007-08 से निरंतर संविदा पर कार्यरत धान खरीदी ऑपरेटरों की जगह आउटसोर्सिंग से भर्ती करना न्यायसंगत नहीं है।
मुख्य मांगें —
1️⃣ धान खरीदी वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 की सुखद राशि पूर्ण रूप से समितियों को दी जाए।
2️⃣ परिवहन, सुरक्षा व्यय और कमीशन में बढ़ोतरी कर, धान परिवहन की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी को सौंपी जाए।
3️⃣ धान खरीदी नीति की कंडिका 11.3.3 में आउटसोर्सिंग से कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती को हटाकर नियमितीकरण किया जाए।
4️⃣ प्रदेश की सभी सहकारी समितियों को प्रति वर्ष ₹3 लाख प्रबंधकीय अनुदान व कर्मचारियों को वेतनमान, महंगाई भत्ता, भविष्य निधि जैसी सुविधाएँ दी जाएँ।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासन ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो 3 नवंबर 2025, मंगलवार से अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।




