सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद पीड़ितों को बड़ी राहत: 35 लाख मुआवजा, नौकरी और इलाज की व्यवस्था पर सहमति

सक्ती। जिले के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश ही नहीं, देशभर को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदय विदारक घटना में कई श्रमिकों की जान चली गई, जबकि अनेक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद जहां एक ओर शोक और आक्रोश का माहौल था, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवारों के हक और न्याय के लिए जनप्रतिनिधियों, श्रमिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा जोरदार आंदोलन शुरू किया गया। पीड़ितों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन और लगातार दबाव के बाद आखिरकार वेदांता प्रबंधन को झुकना पड़ा। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को ₹35 लाख मुआवजा देने, बीमा की राशि अलग से प्रदान करने तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति जताई है।
इसके साथ ही हादसे में घायल हुए मजदूरों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया गया है। गंभीर रूप से घायलों को बड़े अस्पतालों में रेफर कर उनका समुचित इलाज कराया जाएगा, साथ ही प्रत्येक घायल को ₹15 लाख की सहायता राशि देने की बात भी कही गई है। इसके अलावा श्रमिकों को शासन और कंपनी द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा भी दिया गया है।
यह आंदोलन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उन परिवारों के सम्मान, आत्मसम्मान और भविष्य की सुरक्षा की लड़ाई थी, जिन्होंने इस हादसे में अपने अपनों को खोया है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक हर पीड़ित को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह आवाज इसी मजबूती के साथ उठती रहेगी।
घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
वहीं, पूरे क्षेत्र में अब भी शोक का माहौल बना हुआ है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।




