भाजपा मंडल अध्यक्षों के कड़े तेवर ने लाया रंग, फर्जी खरीदी मामले में तत्कालीन सहायक ग्रेड-02 रोशन पटेल निलंबित, बिना निविदा करोड़ों की खरीदी की शिकायत पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, लंबे समय से उठा रहे थे भ्रष्टाचार का मुद्दा

सक्ती। जिला शिक्षा कार्यालय सक्ती में बिना निविदा करोड़ों रुपये की सामग्री खरीदी के मामले में आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सहायक ग्रेड-02 एवं वर्तमान वरिष्ठ लेखा परीक्षक रोशन कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई का श्रेय भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अभिषेक शर्मा सहित भाजपा मंडलों के उन पदाधिकारियों को दिया जा रहा है, जिन्होंने लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
लगातार उठाते रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा
भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने जिला शिक्षा कार्यालय में कथित वित्तीय अनियमितताओं और बिना निविदा खरीदी का मुद्दा लगातार उठाया। उन्होंने अन्य मंडल अध्यक्षों के साथ मिलकर कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया था कि नियमों की अनदेखी कर करोड़ों रुपये की खरीदी की गई और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। पूर्व में भी अभिषेक शर्मा के द्वारा शिकायत की गई थी।
जांच में प्रथम दृष्टया सही मिले आरोप
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। जांच में वर्ष 2020 से 2022 के बीच लगभग 3.80 करोड़ रुपये की खरीदी में प्रक्रिया संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। साथ ही विद्यालयों के लिए सामग्री खरीदी में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि होने पर तत्कालीन सहायक ग्रेड-02 रोशन कुमार पटेल को निलंबित कर दिया गया।
अभिषेक शर्मा ने कहा – भ्रष्टाचार पर होगी जीरो टॉलरेंस
नगर मंडल अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में भाजपा कार्यकर्ता हमेशा मुखर रहेंगे और जहां भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिलेगी, वहां तथ्यात्मक तरीके से आवाज उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि शिकायतों पर गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आगे भी जारी रहेगी जांच
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामला अभी जांचाधीन है। विस्तृत जांच के बाद यदि अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




