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लिफ्ट चालू हो, मिले स्वच्छ पानी और साफ परिसर; मरीजों के हित में पार्षदों ने बुलंद की आवाज, गंदगी पर जताई नाराजगी कहा : स्थायी समाधान हो

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चार प्रमुख समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन, जलभराव के स्थायी समाधान की भी मांग; 10 दिवस में व्यवस्था सुधारने की मांग

सक्ती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद सक्ती के पार्षदों ने मरीजों के हित में आवाज बुलंद की है। अस्पताल की बुनियादी व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने सिविल सर्जन डॉ सूरज राठौर, खंड चिकित्सा अधिकारी अर्जुन सोनवानी को ज्ञापन सौंपा और चार प्रमुख समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कर उनके शीघ्र समाधान की मांग की। पार्षदों ने 10 दिवस के भीतर व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने को कहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार और स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में लिफ्ट, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और सुचारू जल निकासी जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का बेहतर होना आवश्यक है। ज्ञापन देने वाले में  नगर पालिका उपाध्यक्ष भारत यादव, पार्षद पिंटू यादव, संजय कश्यप, गोविंद देवांगन, गोविंदा निराला, लालू प्रधान, हुलास देवांगन, मनोज सोनी मौजूद रहे।

कई माह से बंद लिफ्ट को जल्द चालू करने की मांग :-

पार्षदों ने ज्ञापन में अस्पताल की कई माह से बंद पड़ी लिफ्ट को प्रमुख समस्या बताया है। लिफ्ट बंद होने के कारण ऊपरी मंजिल तक पहुंचने में मरीजों को परेशानी होती है। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए यह समस्या अधिक परेशानी का कारण बन रही है। पार्षदों ने मांग की है कि लिफ्ट की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत कराकर इसे जल्द से जल्द चालू किया जाए। साथ ही भविष्य में इसका नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को दोबारा इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वच्छ पेयजल और साफ परिसर पर दिया जोर :-

ज्ञापन में अस्पताल परिसर में पर्याप्त एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए पेयजल व्यवस्था को व्यवस्थित एवं सुचारू करने की मांग की है। इसके अलावा अस्पताल परिसर की नियमित और समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। पार्षदों का कहना है कि अस्पताल में स्वच्छ वातावरण मरीजों के स्वास्थ्य और संक्रमण से बचाव के लिहाज से बेहद जरूरी है। इसलिए अस्पताल के अंदर के साथ बाहरी परिसर की भी नियमित सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए।

अस्पताल के सामने जलभराव का हो स्थायी समाधान

अस्पताल के सामने होने वाले जलभराव की समस्या को भी ज्ञापन में गंभीरता से उठाया गया है। बारिश के दौरान पानी जमा होने से मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल आने-जाने में परेशानी होती है। इसके साथ ही जलभराव से गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है। पार्षदों ने मांग की है कि केवल अस्थायी तौर पर पानी हटाने के बजाय जल निकासी की व्यवस्थित व्यवस्था बनाकर इसका स्थायी समाधान किया जाए।

10 दिवस में समाधान हो, अन्यथा आवाज होगी बुलंद :-

पार्षदों ने कहा कि उनके द्वारा उठाई गई चारों मांगें सीधे तौर पर मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य से जुड़ी हैं। उद्देश्य अस्पताल की कमियां गिनाना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाना है, ताकि उपचार के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज को सुविधाजनक एवं स्वच्छ वातावरण मिल सके। ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग से 10 दिवस के भीतर समस्याओं का निराकरण करने की मांग की गई है। पार्षदों ने उम्मीद जताई है कि विभाग इन जनहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक और त्वरित पहल करते हुए आवश्यक सुधार करेगा। अस्पताल की इन बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार होने से न केवल मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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