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वन महोत्सव में 350 पौधों का रोपण, हरित और स्वच्छ पर्यावरण का दिया संदेश, सरपंच धनंजय राठौर ने कहा : पौधे को पेड़ बनाना हम सबका कर्तव्य

‘एक पेड़ शहीदों के नाम और एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ लगाने का आह्वान

सक्ती। जिले में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से सोमवार को पुलिस लाइन परिसर, ग्राम नन्दौर खुर्द में जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में सभापति-वन स्थायी समिति सुशीला सिन्हा, नगर पालिका परिषद सक्ती के अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय रामचंद्र, नगर पालिका परिषद सक्ती के नामांकित पार्षद सुमित शर्मा, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, वनमंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे, अपर कलेक्टर बीरेंद्र लकड़ा, अपर कलेक्टर बालेश्वर राम, उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित रहे।

गुलमोहर, पीपल, नीम, जामुन सहित 350 पौधे लगाए गए – 

वन महोत्सव के दौरान अतिथियों और उपस्थित नागरिकों ने गुलमोहर, पीपल, नीम, जामुन, मुनगा, करंज, आम सहित विभिन्न प्रजातियों के कुल 350 पौधों का रोपण किया। पौधरोपण के साथ ही लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभापति-वन स्थायी समिति सुशीला सिन्हा ने कहा कि वृक्ष प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखकर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित किया जाए।

‘एक पेड़ शहीदों के नाम, एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ का संदेश – 

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने नागरिकों से ‘एक पेड़ शहीदों के नाम और एक पेड़ अपने पूर्वजों के नाम’ लगाने का भावपूर्ण आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल देश के वीर शहीदों और पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी प्रभावी माध्यम बनेगी। सरपंच धनंजय राठौर ने  कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। यदि प्रत्येक नागरिक पौधरोपण के साथ उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

पौधरोपण के साथ संरक्षण पर भी जोर :- 

वनमंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे ने कहा कि वृक्ष प्राणवायु, स्वच्छ पर्यावरण, जल संरक्षण और जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की अपील की।

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