सक्ती जिला

भविष्य के शिक्षक बनें मार्गदर्शक और प्रेरक: संस्कार पब्लिक स्कूल में हुआ विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम

सक्ति। बदलते शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी एवं छात्र-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से संस्कार पब्लिक स्कूल, सक्ती द्वारा एक दिवसीय विशेष शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंगलवार, 9 जून 2026 को विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में “भविष्य के शिक्षक : शिक्षक एवं मार्गदर्शक” विषय पर आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षकों ने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं नवाचारों की जानकारी प्राप्त की।


कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य वी. के. मिश्रा ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण और अद्यतन ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय की दूरदर्शी शैक्षणिक सोच और शिक्षक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन विद्यालय की शिक्षिका सुबंश्री ने किया।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं शिक्षाविद डॉ. चेतन रायिकवार ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उन्हें विद्यार्थियों के सच्चे मार्गदर्शक, प्रेरक और परामर्शदाता की भूमिका भी निभानी होगी। उन्होंने बदलते शैक्षिक परिदृश्य में नवाचार, संवेदनशीलता तथा छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति अपनाने पर विशेष बल दिया।


प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रभावी कक्षा प्रबंधन, विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं की समझ तथा संवाद कौशल के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम को अधिक व्यावहारिक और सहभागी बनाने के लिए लाइव समूह चर्चा, गतिविधि आधारित शिक्षण और विभिन्न इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि भविष्य का शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सपनों को दिशा देने वाला सशक्त मार्गदर्शक होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम ने शिक्षकों को नई ऊर्जा, नई सोच और आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोण के साथ अपने दायित्वों को निभाने की प्रेरणा प्रदान की।


विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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