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शूटिंग के सितारे: मनु भाकर से प्रेरित अन्वेषा और अन्वया, बिलासपुर की गोल्ड मेडलिस्ट जुड़वा

देश की पहली खिलाडी बनी मनु भाकर,उन्होंने 10 मीटर मिक्स्ड टीम इवेंट में सरबजीत सिंह के साथ मिलकर ब्रान्ज मेडल जीता। इससे पहले उन्होंने रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में ब्रान्ज मेडल जीता था। यह मनु भाकर का पेरिस ओलंपिक में दूसरा मेडल है। 22 साल की मनु ओलंपिक इतिहास में पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीते हैं।

बिलासपुर।भारत की लाडली मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। मनु की इस सफलता पर बिलासपुर की नेशनल लेवल शूटिंग खिलाड़ियों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। अन्वेषा और अन्वया तिवारी दोनों 15 साल की जुड़वा बहनें हैं जो डीपीएस में 10वीं कक्षा में अध्ययनरत हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ अकादमी में ट्रेनिंग की है और राज्य चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीते हैं। दोनों बहनें नेशनल स्तर पर भी कई स्पर्धाओं में भाग ले चुकी हैं और देश की प्रतिष्ठित शूटरों में शामिल हो चुकी हैं। अन्वया को आर्मी मार्क्समेनशिप के लिए महू इंदौर के लिए भी चयन किया गया था और अन्वेषा छत्तीसगढ़ की सबसे कम उम्र की रेनोव्ड शूटर हैं।

बिलासपुर की नेशनल लेवल शूटिंग खिलाड़ी अन्वेषा तिवारी मनु भाकर की सफलता से अत्यंत प्रेरित हैं। वह कहती है कि मनु भाकर ने जिस तरह से ओलंपिक में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का नाम ऊंचा किया है, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। मैं भी भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती हूं और उम्मीद है कि मैं भी मनु की तरह देश के लिए मेडल जीत सकूं।

अन्वया का सपना ओलंपिक मेडल

अन्वेषा की जुड़वा बहन, अन्वया तिवारी, जो पिस्टल शूटिंग में माहिर हैं, ने मनु भाकर को अपनी प्रेरणा बताते हुए कहा, मनु भाकर ने हमें दिखाया है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। मुझे भी भविष्य में ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतने की चाह है। अन्वया ने भी भारतीय टीम के लिए मनु भाकर के साथ ट्रायल दिया था और अब तक छत्तीसगढ़ स्टेट की सबसे हाईएस्ट पिस्टल वीमेन स्कोरर बन चुकी हैं।

दोनों बहनों के नाम दर्ज हैं ढेरों उपलब्धियां


इंडियन टीम के लिए अन्वया ने भी मनु भाकर के साथ ट्रायल दिया था। उनका चयन आर्मी मार्क्समेंन् शिप के लिए महू इंदौर के लिए किया गया था। अन्वया अब तक़ की छत्तीसगढ़ स्टेट की सबसे हाईएस्ट पिस्टल वीमेन स्कोरर हैं। वही अन्वेषा अब तक़ छत्तीसगढ़ की सबसे कम उम्र की छत्तीसगढ़ की शूटर है। वह भारतीय टीम के लिए राइफल शूटिंग कैटेगरी में ट्रायल्स दे चुकी है। दोनों बहने शूटिंग के कई नेशनल स्पर्धा मे नई दिल्ली, त्रिवेंद्रम, कोलकाता, आसनसोल, भोपाल मे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी हैं। अन्वया पिस्टल में व अन्वेषा राइफल मे नेशनल खेल चुकी हैं।

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