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खरीफ सीजन में किसानों को बड़ी राहत, अब ट्रैक्टर और सिंचाई पंप के लिए आसानी से मिलेगा डीजल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सरकार अलर्ट

शक्ति। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देश पर खेती-किसानी के कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ट्रैक्टरों से जुताई और सिंचाई पंपों के संचालन हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि खेती संबंधी कार्य प्रभावित न हों।


प्रदेश में ड्रम और जरीकेन में डीजल वितरण पर लगाए गए प्रतिबंध में किसानों को विशेष छूट भी प्रदान की गई है। इस फैसले से किसानों को बड़ी राहत मिली है और प्रदेशभर के किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारियों में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर और बिना किसी परेशानी के डीजल उपलब्ध कराया जाए।


सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई के दौरान किसानों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों को सतत निगरानी और समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।


उल्लेखनीय है कि खाद्य विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी निर्देश के तहत पेट्रोल एवं डीजल के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर ड्रम और जरीकेन में ईंधन वितरण पर प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि खरीफ सीजन और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट दी गई है।

खाद्य सचिव Reena Baba Saheb Kangale ने जानकारी दी कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में राज्य में 4 करोड़ 3 लाख लीटर पेट्रोल तथा 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। वहीं 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल और 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है।


राज्य सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसानों को जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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