हर्बल लाइफ की दवा बना मौत का बहाना… घर से दो कदम बाहर निकली और तीन गोलियों ने छीन ली जिंदगी, तलाक के बाद संघर्ष कर रही थी पूर्णिमा, परिवार का सहारा बनी बेटी की दिनदहाड़े हत्या से दहल उठा सक्ती; आखिर किससे थी ऐसी दुश्मनी?

सक्ती। सक्ती जिले के सक्ती थाना क्षेत्र के ग्राम जोंगरा में शुक्रवार सुबह हुई 28 वर्षीय पूर्णिमा चौहान की निर्मम हत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि संघर्षों से लड़कर अपनी जिंदगी को फिर से संवार रही एक युवती के सपनों का अंत है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्यारों ने किसी फिल्मी अंदाज में पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पहले हर्बल लाइफ की दवा खरीदने का बहाना बनाया, फिर जैसे ही पूर्णिमा घर से बाहर आई, उसके माथे और सीने में तीन गोलियां दाग दीं और कुछ ही सेकंड में बाइक से फरार हो गए।

मुश्किल दौर के बाद संभल रही थी जिंदगी
पूर्णिमा की शादी रायगढ़ जिले के जामपाली (खरसिया) में हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन अधिक समय तक नहीं चल पाया। करीब दो वर्ष पहले उसका तलाक हो गया। इस घटना ने उसे जरूर तोड़ा, लेकिन उसने हार नहीं मानी। मायके लौटकर उसने खुद को फिर से संभाला और हर्बल लाइफ के नेटवर्क मार्केटिंग व्यवसाय से जुड़ गई। वह स्वास्थ्य उत्पादों का प्रचार-प्रसार कर अपनी मेहनत से आय अर्जित कर रही थी और परिवार का आर्थिक सहयोग भी कर रही थी।
मेहनतकश परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पूर्णिमा एक साधारण किसान परिवार से थी। पिता प्रेमलाल चौहान खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। भाई उत्तरा कुमार चौहान ट्रैक्टर चलाकर घर की जिम्मेदारी निभाता है, जबकि छोटी बहन निकिता चौहान एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। परिवार अपने सीमित संसाधनों में सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन शुक्रवार की सुबह कुछ ही पलों में उनकी खुशियां मातम में बदल गईं।
ग्राहक बनकर आए और मौत देकर चले गए
शुक्रवार सुबह दो अज्ञात युवक बाइक से पूर्णिमा के घर पहुंचे। उन्होंने भाई उत्तरा कुमार से कहा कि उन्हें हर्बल लाइफ की दवा खरीदनी है। चूंकि पूर्णिमा इसी काम से जुड़ी थी, इसलिए भाई को कोई संदेह नहीं हुआ। उसने बहन को बाहर बुला लिया। जैसे ही पूर्णिमा घर से बाहर पहुंची, हमलावरों ने बेहद करीब से उसके माथे और सीने में तीन गोलियां दाग दीं। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ी। भाई ने हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वे तेज रफ्तार से भाग निकले।
क्या पहले से थी पूरी रेकी?
घटना का तरीका कई सवाल खड़े कर रहा है। आरोपियों को यह कैसे पता था कि पूर्णिमा हर्बल लाइफ का काम करती है? उन्हें उसके घर और दिनचर्या की जानकारी किसने दी? क्या उन्होंने पहले से रेकी की थी या किसी परिचित ने सूचना दी थी? पुलिस इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही है।
हत्या का कारण अब भी रहस्य
पुलिस अब तक हत्या के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं खोज सकी है। व्यक्तिगत रंजिश, पुराने संबंध, आर्थिक लेन-देन, पेशेगत विवाद और अन्य सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हत्या की वजह क्या थी और हमलावरों का उद्देश्य क्या था।
पहाड़ों के किनारे बसे गांव में दहशत
जिस स्थान पर वारदात हुई, वह जोंगरा गांव पहाड़ियों के किनारे बसा है। दिनदहाड़े घर के सामने हुई इस हत्या से पूरे गांव में दहशत फैल गई। लोगों का कहना है कि बेखौफ अपराधियों ने जिस तरह वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार होने में सफलता हासिल की, उसने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देर शाम तक पुलिस की पकड़ से दूर रहे आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, एसडीओपी भुनेश्वरी पैंकरा और थाना प्रभारी लखन पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू की। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर थे।
एक सवाल, जिसका जवाब पूरा जिला जानना चाहता है
जो युवती तलाक के बाद टूटने के बजाय संघर्ष कर अपने पैरों पर खड़ी होने की कोशिश कर रही थी, जिसने मेहनत से अपनी नई पहचान बनाई और परिवार का सहारा बनी, आखिर उसकी किससे ऐसी दुश्मनी थी कि उसे दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया गया? यह सवाल केवल उसके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे सक्ती जिले का है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे का सच कब सामने आएगा।




