भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव, नागरिकों से संयम और सहयोग की अपील

सक्ती। प्रदेश सहित सक्ती जिला इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि रात का पारा भी 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण घरों में एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे बिजली की मांग ने भी सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश में बिजली की खपत 7 हजार मेगावाट से अधिक पहुंचने के कारण विद्युत व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक तापमान के बीच लगातार ओवरलोड चलने से ट्रांसफॉर्मर, केबल और अन्य विद्युत उपकरणों पर असर पड़ रहा है। जिस तरह इंसानों की कार्य करने की एक सीमा होती है, उसी प्रकार मशीनों की भी क्षमता सीमित होती है। लगातार बढ़ते लोड और तपती गर्मी के कारण कई स्थानों पर तकनीकी फॉल्ट और ट्रांसफॉर्मर खराब होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
इसी बीच बिजली विभाग के कर्मचारी दिन-रात तेज धूप और कठिन परिस्थितियों में फॉल्ट सुधारने में जुटे हुए हैं। कई कर्मचारी 44 डिग्री की झुलसाती गर्मी में खंभों पर चढ़कर और सड़कों पर घंटों काम कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि वे भी आम नागरिकों की तरह इसी भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं, लेकिन जनता को राहत देने के लिए लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं।
ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि बिजली बाधित होने की स्थिति में धैर्य बनाए रखें तथा विभागीय कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार या विवाद करने से बचें। विभाग का कहना है कि यह संकट केवल किसी एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देशभर में बढ़ती गर्मी के कारण उत्पन्न हुआ है।
नागरिकों से की गई महत्वपूर्ण अपील
जिस कमरे में आवश्यकता न हो वहां एसी, कूलर, पंखा और लाइट बंद रखें।
दोपहर और रात के पीक आवर्स में भारी बिजली उपकरणों का उपयोग कम करें।
बिना स्वीकृत लोड के अतिरिक्त भारी उपकरण संचालित न करें।
बिजली की बर्बादी रोककर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करें।
बिजली विभाग और प्रशासन ने नागरिकों से शांति, संयम और जिम्मेदारी के साथ सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि आपसी तालमेल और धैर्य से ही इस भीषण गर्मी और बढ़ते बिजली संकट का सामना किया जा सकता है।




