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चेक बाउंस मामले में 7 साल बाद 3-3 माह के कारावास की सजा

  • 2-2 लाख का जुर्माना भी लगाया
  • मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का फैसला

सक्ती- चेक बाउंस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दो अभियुक्तों को आरोप में दोष सिद्धी होने पर 3-3 माह के साधारण कारावास और दो-दो लाख के जुर्माने से दण्डित किया है। मामला करीब 7 साल पहले 15 फरवरी 2017 का है। वार्ड 16 में अशोका ट्रेडर्स के नाम से ईश्वर प्रसाद अग्रवाल पिता स्व. नंदकिशोर अग्रवाल खाद, बीज की दुकान संचालित करते हैं। ईश्वर प्रसाद अग्रवाल ने गबेल एजेंसी आड़िल के आनंद मोहन गबेल पिता नारायण गबेल एवं प्रहलाद गबेल पिता गोपाल गबेल के नाम से अपराध पंजीबद्ध कराया था। धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम के तहत लगे आरोप पर सुनवाई हुई। 15 जुलाई 2024 को इस पर आदेश पारित हुआ है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार अभियुक्तों ने शिकायतकर्ता को 50-50 हजार करके चार बार पंजाब नेशनल बैंक के चेक दिए थे। उन्होनें अशोका ट्रेडर्स से खाद बीज का सामान क्रय किया था, जिसका भुगतान उन्होनें चेक के द्वारा किया था। जब चेक लेकर ईश्वर प्रसाद अग्रवाल ने एसबीआई पहुंचकर भुनाना चाहा तो बैंक द्वारा खाते में राशि अपर्याप्त बताकर चेक को वापस कर दिया गया। इसके बाद 19 जून को आरोपियों को सूचना पत्र भी भेजा गया था। अब 15 जुलाई को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्ती श्रीमती गंगा पटेल ने फैसला सुनाया है। बताया गया है कि उच्च न्यायालय द्वारा यह भी निर्धारित किया गया है कि धारा 138 परक्राम्य लिखित अधिनियम के अपराध में क्रिमिनल कोर्ट चेक राशि की दोगुनी राशि तक जुर्माना अधिरोपित करने में सक्षम है तथा जुर्माना राशि को 357(1) ब, द.प्र.सं. के अंतर्गत परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाया जाना चाहिए। अभियुक्तगण आनंद मोहन एवं प्रहलाद गबेल का परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881 की धारा 138 के अधीन अपराध के आरोप में दोषसिद्धी पर 3-3 माह के साधारण कारावास और दो-दो लाख रूपये के जुर्माने से दण्डित करने का फैसला पारित किया है।

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