नैनो यूरिया से पवन गबेल की खेती बनी आसान, कम लागत में मिला बेहतर लाभ

आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर किसान ने बढ़ाई सुविधा
अरुण कुमार निराला/सक्ती, 02 जून 2026 – जिले के किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बना रहे हैं। मालखरौदा विकासखंड के ग्राम बंदोरा के प्रगतिशील किसान श्री पवन गबेल ने नैनो यूरिया (तरल) का उपयोग कर खेती में सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए हैं। उनका अनुभव अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक बन रहा है। श्री पवन गबेल ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष अपनी फसल में नैनो यूरिया का प्रयोग किया था। इसके उपयोग से उन्हें अच्छे परिणाम मिले। उन्होंने बताया कि पारंपरिक यूरिया की 45 किलो की बोरी खरीदने, ढुलाई करने और खेत तक पहुंचाने में अतिरिक्त समय, श्रम और खर्च लगता था। वहीं कई बार पीक सीजन में यूरिया की उपलब्धता भी किसानों के लिए चुनौती बन जाती थी। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया की छोटी शीशी को आसानी से खेत तक ले जाया जा सकता है तथा इसकी उपलब्धता भी सामान्य रूप से बनी रहती है। इससे फसल को समय पर आवश्यक पोषण मिल जाता है और किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। नैनो यूरिया के उपयोग से समय, श्रम और लागत तीनों की बचत होती है, जिससे खेती अधिक सुविधाजनक बनती है। किसान श्री पवन गबेल का कहना है कि नैनो यूरिया उपयोग में सरल होने के साथ-साथ खेती की लागत कम करने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में भी सहायक है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी उन्नत कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि नई तकनीकों के प्रयोग से कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।




