20 दिन से बेटे की राह ताक रहा परिवार…अभी तक नहीं लगा प्रांशु का कोई सुराग, हर आहट पर लगता है ‘प्रांशु आ गया’ , 29 जून को बाराद्वार रेलवे स्टेशन से लापता हुआ 14 वर्षीय बालक, तलाश में थक चुके परिजनों की आंखों में अब भी लौटने की उम्मीद

सक्ती। घर का चिराग अचानक कहीं गुम हो जाए और 20 दिन बाद भी उसका कोई सुराग न मिले, तो उस परिवार पर क्या गुजरती होगी, इसे वही परिवार समझ सकता है। 14 वर्षीय प्रांशु साहू के परिजन पिछले 20 दिनों से इसी पीड़ा से गुजर रहे हैं। 29 जून को बाराद्वार रेलवे स्टेशन से लापता हुआ प्रांशु अब तक घर नहीं लौट सका है। हर गुजरते दिन के साथ परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है, लेकिन बेटे के लौटने की उम्मीद अब भी कायम है।
प्रांशु के घर में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार का हर सदस्य बेचैनी में है। घर का दरवाजा खुलता है तो आंखें अनायास उसी ओर उठ जाती हैं। मोबाइल की हर घंटी पर दिल धड़क उठता है कि शायद प्रांशु के बारे में कोई खबर आई हो। लेकिन हर बार उम्मीद टूट जाती है।
29 जून को स्टेशन से निकला, फिर नहीं लौटा
बताया जा रहा है कि 14 वर्षीय प्रांशु साहू 29 जून को बाराद्वार रेलवे स्टेशन से लापता हुआ था। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रेलवे स्टेशन, आसपास के क्षेत्रों, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां खोजबीन की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
परिजन लगातार संभावित स्थानों पर उसकी तलाश कर रहे हैं। दिन-रात एक कर देने के बावजूद जब बेटे का पता नहीं चला तो परिवार की चिंता अब गहरे दर्द में बदल चुकी है।
‘हमारा बेटा जहां भी है, सुरक्षित हो… बस लौट आए’
प्रांशु के परिजन लगातार उसकी वापसी की राह देख रहे हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी चीज की चाह नहीं, बस उनका बेटा सुरक्षित वापस घर लौट आए। हर दिन उम्मीद रहती है कि शायद आज प्रांशु की कोई खबर मिल जाए।
परिजनों का कहना है कि बेटे के बिना घर सूना लग रहा है। परिवार का हर सदस्य मानसिक तनाव से गुजर रहा है और लगातार उसकी तलाश में भटक रहा है।
पुलिस अधीक्षक से बार-बार लगाई गुहार
प्रांशु की तलाश को लेकर परिवार पुलिस अधीक्षक से भी बार-बार गुहार लगा चुका है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए बालक की तलाश तेज करने की मांग की है। परिवार की अपील है कि रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जाए तथा संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चलाया जाए।
हर किसी से अपील—प्रांशु की जानकारी मिले तो मदद करें
परिवार ने आम लोगों से भावुक अपील की है कि यदि किसी को प्रांशु साहू के बारे में कोई जानकारी मिले या वह कहीं दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस अथवा परिवार को सूचना दें।
एक परिवार की आंखें आज भी दरवाजे पर टिकी हैं। एक मां-बाप आज भी अपने बच्चे की राह देख रहे हैं। 20 दिन बीत गए, लेकिन उम्मीद अब भी जिंदा है—शायद किसी दिन दरवाजे पर दस्तक होगी और प्रांशु कहेगा… ‘मैं आ गया।’



