रात 10 बजे के बाद खुली दुकानों से बढ़ रहा विवाद का खतरा: सक्ती में सख्ती की मांग
सक्ती। शहर में रात्रि 10 बजे के बाद दुकानों को बंद करने के नियम के बावजूद कई प्रतिष्ठान देर रात तक खुले रहने से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ता नजर आ रहा है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि मामूली विवाद भी गंभीर रूप ले सकते हैं, जिससे शहर की शांति व्यवस्था पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की सक्रियता और सख्ती की मांग तेज हो गई है।
देर रात तक खुली दुकानें, बढ़ रही अनावश्यक भीड़
जानकारी के अनुसार नगर के कई प्रमुख क्षेत्रों में दुकानें निर्धारित समय सीमा के बाद भी संचालित हो रही हैं। देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहने से अनावश्यक भीड़ इकट्ठा हो जाती है, जो विवाद की स्थिति को जन्म देती है। हाल ही में बुधवारी बाजार क्षेत्र में देर रात एक दुकान में लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। हालांकि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि समय पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में बड़े विवाद सामने आ सकते हैं।
असामाजिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियां
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि देर रात तक दुकानें खुली रहने से असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ जाती हैं। खासकर भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप ले रही है, जिससे आमजन में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
नागरिकों की मांग—सख्त कार्रवाई और पेट्रोलिंग बढ़े
शहरवासियों ने मांग की है कि पुलिस प्रशासन रात्रि 10 बजे के बाद खुली रहने वाली दुकानों पर सख्त कार्रवाई करे। साथ ही बेवजह घूमने वाले लोगों पर निगरानी रखते हुए नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, ताकि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।
सक्ती में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन की सक्रियता और सख्ती ही इस बढ़ती समस्या का समाधान बन सकती है, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत रहे और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें।




