योग शिक्षक गोरेलाल पटेल ने बदली गांव की तस्वीर: रोज सुबह 5 बजे गूंजता योग

घर-घर पहुंचा स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश
सक्ती। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से प्रशिक्षित पतंजलि मास्टर ट्रेनर गोरेलाल पटेल ने अपने निस्वार्थ प्रयासों से पूरे गांव में स्वास्थ्य और जागरूकता की नई अलख जगा दी है। सरल स्वभाव, सेवा भावना और समर्पण के साथ वे योग, आयुर्वेद, यज्ञ, स्वदेशी एवं गौ सेवा के प्रचार-प्रसार में लगातार जुटे हुए हैं।
निस्वार्थ सेवा से गांव बना ‘योगमय’ गोरेलाल पटेल ने अपने पुरुषार्थ और संकल्प के बल पर गांव के लोगों को योग से जोड़ते हुए एक नई दिशा दी है। आज स्थिति यह है कि गांव के बच्चे, बुजुर्ग, महिला और पुरुष सभी नियमित रूप से योगाभ्यास कर रहे हैं। उनके इस प्रयास से पूरा गांव योगमय वातावरण में ढल गया है।

रोज सुबह 5 बजे लगता है योग शिविर :-
प्रतिदिन सुबह 5 बजे आयोजित होने वाले योग सत्र में 50 से 60 लोग नियमित रूप से भाग लेते हैं। यहां योगाभ्यास के साथ-साथ आयुर्वेदिक ज्ञान भी दिया जाता है, जिससे लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिल रही है।
बीमारियों से राहत, जीवनशैली में बदलाव :-
ग्रामीणों का कहना है कि नियमित योगाभ्यास से उन्हें कई बीमारियों में राहत मिली है। साथ ही उनकी दिनचर्या और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
ज्ञान को बांटने का संकल्प बना मिशन :-
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद गोरेलाल पटेल ने यह संकल्प लिया कि वे अपने योग और आयुर्वेद के ज्ञान को केवल अपने तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाएंगे। इसी सोच के साथ उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को जोड़ना शुरू किया।
समाज में बढ़ रही प्रशंसा :-
उनकी इस पहल से पूरे गांव में हर्ष का माहौल है। लोग उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में देख रहे हैं। पतंजलि परिवार सक्ती ने भी उनके उज्जवल भविष्य और स्वस्थ, समृद्ध, दीर्घायु जीवन की कामना की है।




