मोहगांव में शासकीय भूमि पर अवैध राखड़ डम्पिंग का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

जांजगीर-चांपा। जिले के जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहगांव में शासकीय भूमि पर कथित अवैध राखड़ डम्पिंग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय एवं एसडीएम कार्यालय पहुंचे और जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। शिकायत पत्र में सौ से अधिक ग्रामीणों के हस्ताक्षर होने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत मोहगांव में स्थित शासकीय भूमि पर आम जनता के आवागमन के लिए महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2020 एवं 2022 में कच्चे रास्ते का निर्माण कराया गया था। वहीं इसी भूमि से लगे खसरा नंबर 138, 185 एवं 274/1 में वर्ष 2021 में मनरेगा के माध्यम से गौवंश के लिए चारागाह निर्माण कार्य कराया गया था। इसके अलावा खसरा नंबर 127 स्थित तिगाली तालाब के आसपास भी वर्तमान में राखड़ डम्पिंग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरपंच एवं सचिव द्वारा जेसीबी मशीन लगाकर कच्ची सड़क और गौचर भूमि की खुदाई कर अवैध रूप से राखड़ डम्पिंग कराई जा रही है। उनका कहना है कि इससे शासन द्वारा निर्मित सड़क एवं चारागाह पूरी तरह नष्ट हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निजी लाभ के उद्देश्य से शासकीय भूमि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे आसपास की उपजाऊ कृषि भूमि भी प्रभावित हो रही है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अवैध राखड़ डम्पिंग के कारण तालाब एवं गौचर भूमि को क्षति पहुंच रही है, जिससे पर्यावरण और ग्राम विकास दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अवैध राखड़ डम्पिंग पर रोक लगाई जाए, शासकीय भूमि को खाली कराया जाए तथा दोषी सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई करते हुए शासन को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए।
जनदर्शन में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। वहीं सूत्रों के अनुसार, राखड़ की कथित अवैध डम्पिंग के संबंध में जानकारी लेने के लिए मोहगांव के सरपंच एवं सचिव को फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।




