बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने उपजेल का निरीक्षण कर लिया जायजा

अरुण कुमार निराला। सक्ती। उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (सिविल) क्रमांक 1404/2023 सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन में रविवार को बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा उपजेल सक्ती का विस्तृत निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा मूलभूत व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण दल में जयदीप गर्ग, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा, कलेक्टर सक्ती, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल सिंह ठाकुर, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश सक्ती प्रशांत कुमार शिवहरे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री शुभदा गोयल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
विधिक सहायता और बंदियों के अधिकारों पर विशेष फोकस
निरीक्षण के दौरान जिला जेल लीगल एड क्लिनिक की कार्यप्रणाली, बंदियों को – उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, परिजनों के लिए स्थापित मुलाकाती हेल्प डेस्क तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (व्हीसी)कक्ष की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यह भी जाना कि बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं आ रही है।
भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्थाओं की जांच
बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जेल परिसर में भोजन की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था, टॉयलेट एवं स्वच्छता की स्थिति, बंदियों के वस्त्रों की दशा तथा प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बैरकों, मुलाकात कक्ष और जेल भवन की संरचनात्मक व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया तथा आवश्यक सुधारों के संबंध में चर्चा की।
शिकायत निवारण और भेदभाव संबंधी पहलुओं की भी हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान शिकायत पेटी की व्यवस्था, बंदियों की समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया तथा जेल में संधारित विभिन्न रजिस्टरों का परीक्षण किया गया। साथ ही जेल परिसर में किसी प्रकार के की स्थिति न हो, इसके लिए संबंधित अभिलेखों और व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जातिगत भेदभाव अथवा असमान व्यवहार
समग्र व्यवस्थाओं का लिया गया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जेल प्रशासन द्वारा संचालित व्यवस्थाओं का समग्र मूल्यांकन करते हुए बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा, मानवीय गरिमा तथा न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।




