सक्ती जिला

पीएचसी में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं, डॉक्टर और स्टाफ की अनुपस्थिति से मरीज परेशान


समय पर उपचार नहीं मिलने से क्षेत्रवासियों में बढ़ रहा आक्रोश, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

अरूण कुमार निराला/अड़भार। नगर पंचायत अड़भार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर क्षेत्र में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीणों को मजबूरन निजी अस्पतालों या दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।


क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर डॉक्टर और स्टाफ अनुपस्थित रहते हैं, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार बिना इलाज कराए ही मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।


बड़ी आबादी, लेकिन सुविधाएं सीमित
स्थानीय नागरिकों के अनुसार अड़भार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है, लेकिन यहां पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।


प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।


क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांगें
चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई हो।
पीएचसी में पर्याप्त दवाइयों और संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाई जाए।

मरीजों को समय पर उपचार और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए

जिम्मेदारों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि पीएचसी अड़भार की व्यवस्थाओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही आम जनता के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।


यदि समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्रवासियों का आक्रोश और बढ़ सकता है।

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