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वेदांता के निवेश से छत्तीसगढ़ में तेज हुई औद्योगिक रफ्तार, हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार और बेहतर अवसर

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक प्रगति और निरंतर समृद्धि का प्रतीक वेदांता उद्योग, रोजगार और सामाजिक विकास में समूह की अहम भूमिका

सक्ती/रायपुर। वेदांता समूह आज देश की औद्योगिक प्रगति का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। चेयरमैन अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में समूह ने एल्यूमिनियम, जिंक, कॉपर, तेल-गैस, ऊर्जा उत्पादन सहित अनेक क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। वेदांता की औद्योगिक यात्रा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से भी जुड़ी हुई है। वेदांता समूह ने जिन राज्यों में औद्योगिक निवेश कर विकास को गति दी है, उनमें छत्तीसगढ़ का विशेष स्थान है। राज्य में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) वेदांता का प्रमुख और ऐतिहासिक निवेश रहा है। वर्ष 2001 से वेदांता के संचालन में आने के बाद बालको ने उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि की है। वर्तमान में देश के कुल एल्यूमिनियम उत्पादन का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा बालको से आता है। संयंत्र में स्मेल्टर क्षमता और बिजली उत्पादन में कई गुना विस्तार हुआ है, जिससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। पिछले एक दशक में बालको ने राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया है। साथ ही यह कंपनी अपने उत्पादन का अधिकांश हिस्सा देश के भीतर ही उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान कर रही है। रक्षा और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी बालको के एल्यूमिनियम का उपयोग देश की तकनीकी प्रगति को नई ऊंचाइयां दे रहा है।

सामुदायिक विकास में भी अग्रणी:-

बालको ने औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में लगभग 470 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। 123 गांवों तक फैली सामुदायिक परियोजनाओं से करीब 2 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। बालको टाउनशिप में संचालित स्कूलों के माध्यम से 5000 से अधिक छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।

ऊर्जा क्षेत्र में वेदांता की मजबूत पहल :-

वेदांता लिमिटेड ने सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई में 1200 मेगावॉट क्षमता के विद्युत संयंत्र का अधिग्रहण कर राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा दी है। पहले एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के नाम से संचालित यह संयंत्र अब वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ पावर प्लांट (VLCTPP) के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2022 में अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य को पुनः गति दी गई, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिल रहे हैं।

सिंघीतराई में विकास की नई तस्वीर :-

पावर प्लांट प्रबंधन द्वारा आसपास के ग्राम पंचायतों—सिंघीतराई, ओड़ेकेरा और निमोही—में सामुदायिक विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ‘परियोजना आरोग्य’ के तहत हेल्थ वैन के माध्यम से ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे अब तक हजारों लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा शिक्षा, पेयजल, कौशल विकास और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बालको मेडिकल सेंटर: आधुनिक कैंसर उपचार का केंद्र :-

वेदांता का एक और महत्वपूर्ण योगदान नया रायपुर स्थित बालको मेडिकल सेंटर है, जो मध्य भारत का प्रमुख कैंसर उपचार संस्थान बन चुका है। 170 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब तक 66 हजार से अधिक मरीजों का इलाज और 4.20 लाख से ज्यादा ओपीडी सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। यहां दा विंची एक्सआई रोबोटिक सर्जरी सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग कर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

वेदांता समूह ने छत्तीसगढ़ में उद्योग, ऊर्जा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में जो योगदान दिया है, वह राज्य की प्रगति की मजबूत आधारशिला बन चुका है। औद्योगिक विस्तार के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए वेदांता आज सच मायनों में समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान बन रहा है।

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