सक्ती जिलासक्ती नगर

आईपीएल सट्टे का ‘अंडरग्राउंड नेटवर्क’ बेखौफ: आखिर कब होगी कार्रवाई? बड़े शहरों में कार्रवाई लेकिन सक्ती जिले में सन्नाटा !!

सक्ती। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का रोमांच जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे जिले में सट्टेबाजी का अवैध कारोबार भी अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हर मैच, हर ओवर और हर गेंद पर दांव लगाए जाने की चर्चाएं खुलेआम हो रही हैं। इसके बावजूद चौंकाने वाली बात यह है कि सक्ती जिले में अब तक सट्टेबाजी के खिलाफ एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है, जिससे प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ऑनलाइन-ऑफलाइन का मजबूत नेटवर्क

जानकार बताते हैं कि सट्टेबाजी का यह खेल अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्स, टेलीग्राम-व्हाट्सएप ग्रुप और स्थानीय एजेंटों के माध्यम से सुनियोजित ढंग से संचालित हो रहा है। जिले में सक्रिय छोटे-छोटे एजेंट खिलाड़ियों के प्रदर्शन, रन, विकेट और मैच परिणाम पर दांव लगवा रहे हैं। कई स्थानों पर ‘पॉइंट सिस्टम’ के जरिए लाखों रुपये का लेन-देन होने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।

छोटे शहर में बड़ा नेटवर्क, फिर भी खामोशी :- 

सक्ती जिला पहले से ही सट्टेबाजी के मामलों में चर्चित रहा है। स्थानीय स्तर पर कई बार बड़े सटोरियों के सक्रिय होने की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान गतिविधियां और तेज होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की ओर से एक भी ठोस कार्रवाई सामने नहीं आना कई तरह के संदेह को जन्म दे रहा है।

रायपुर-बिलासपुर में ताबड़तोड़ कार्रवाई, यहां शून्य :- 

प्रदेश की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी कर सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा रहा है। लाखों-करोड़ों रुपये की जब्ती और गिरफ्तारियां सामने आ रही हैं। इसके उलट सक्ती में पूरी तरह सन्नाटा बना हुआ है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यहां सूचना तंत्र कमजोर है या फिर कार्रवाई की इच्छाशक्ति की कमी है?

युवाओं में बढ़ती लत, समाज पर असर :- 

सट्टेबाजी का यह बढ़ता जाल खासकर युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। आसान कमाई के लालच में युवा इस अवैध गतिविधि से जुड़ते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके भविष्य और सामाजिक व्यवस्था पर पड़ रहा है। कई मामलों में आर्थिक नुकसान और पारिवारिक तनाव जैसी स्थितियां भी देखने को मिल रही हैं।

पुलिस का दावा बनाम जमीनी हकीकत :- 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सट्टेबाजी पर नजर रखी जा रही है और सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जमीनी स्तर पर अब तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आने से आमजन के बीच असंतोष बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि जब खुलेआम गतिविधियां चल रही हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? आईपीएल अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सक्ती में सट्टेबाजी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इस पर शिकंजा कसती है और अवैध सट्टे के इस खेल पर लगाम लगाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button