सक्ती: सब इंजीनियर से कथित मारपीट का मामला पहुंचा कलेक्टर-एसपी तक, महिला जनप्रतिनिधि से दुर्व्यवहार की शिकायत ने बढ़ाई जैजैपुर की हलचल

दोनों पक्षों ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार, निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
जैजैपुर। जनपद पंचायत जैजैपुर में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के एक अधिकारी के बीच विवाद का मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। एक ओर आरईएस में पदस्थ सब इंजीनियर शरद देवांगन ने जनपद उपाध्यक्ष सहित अन्य लोगों पर कार्यालय में बुलाकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी ओर सरपंच संघ और जनप्रतिनिधियों ने महिला जनप्रतिनिधि से कथित दुर्व्यवहार एवं हाथापाई का आरोप लगाते हुए सब इंजीनियर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। दोनों पक्षों द्वारा अलग-अलग ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
सब इंजीनियर ने जनपद उपाध्यक्ष सहित अन्य लोगों पर लगाए आरोप :-
आरईएस विभाग में पदस्थ सब इंजीनियर शरद देवांगन ने जिला प्रशासन को दिए गए अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि उन्हें एक चपरासी के माध्यम से जनपद उपाध्यक्ष के कक्ष में बुलाया गया था। उनके अनुसार ग्राम पंचायत सेंदुरस में कराए गए बोर खनन कार्य के मूल्यांकन को लेकर चर्चा के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। शरद देवांगन का आरोप है कि जनपद उपाध्यक्ष सीताराम चंद्रा, मोहन चंद्रा एवं अन्य लोगों द्वारा उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में उनके कपड़े फट गए तथा उन्हें चोटें भी आईं। मामले की शिकायत उन्होंने जैजैपुर थाना, जिला पंचायत सीईओ तथा कलेक्टर से करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिला प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग :-
सब इंजीनियर शरद देवांगन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि शासकीय कार्य के दौरान किसी अधिकारी के साथ इस प्रकार की घटना होना गंभीर विषय है और इससे सरकारी कर्मचारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अपने आवेदन में संपूर्ण घटनाक्रम की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया है।
महिला जनप्रतिनिधि से दुर्व्यवहार का आरोप भी पहुंचा अधिकारियों तक :-
वहीं दूसरी ओर सरपंच संघ, जनपद पंचायत के पदाधिकारियों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सक्ती कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन तथा एसडीएम कावेरी मरकाम को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरईएस के सब इंजीनियर शरद देवांगन पर सरपंच संघ की उपाध्यक्ष एवं भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष धनेश्वरी साहू के साथ कथित दुर्व्यवहार और हाथापाई का आरोप लगाया गया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह मामला महिला सम्मान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई और स्थानांतरण की मांग भी की है।
कार्यप्रणाली को लेकर भी लगाए गए आरोप :-
जनप्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सब इंजीनियर की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में अनावश्यक विलंब किया जाता है तथा पंचायत प्रतिनिधियों के साथ व्यवहार को लेकर पूर्व में भी शिकायतें सामने आती रही हैं। साथ ही कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए गए हैं।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि की गई है।
प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई :-
मामले में दोनों पक्षों द्वारा जिला प्रशासन और पुलिस के समक्ष शिकायतें प्रस्तुत की जा चुकी हैं। ऐसे में अब प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कलेक्टर कार्यालय और संबंधित विभागों द्वारा तथ्यों के आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्षों के आवेदन, उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी, ताकि निष्पक्ष निर्णय लिया जा सके।
क्या बोले संबंधित पक्ष :-
शरद देवांगन, सब इंजीनियर आरईएस जैजैपुर ने कहा, “मुझे चपरासी के माध्यम से जनपद उपाध्यक्ष के कमरे में बुलाया गया। वहां जनपद उपाध्यक्ष और मोहन चंद्रा द्वारा मेरे साथ विवाद किया गया तथा मारपीट की गई। इसकी शिकायत मैंने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर से की है। मुझे निष्पक्ष जांच और न्याय की अपेक्षा है।” वहीं ऋषि बनाफर, सरपंच संघ अध्यक्ष ने कहा, “हमारे सरपंच संघ की उपाध्यक्ष और महिला सरपंच के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं मारपीट की घटना अत्यंत निंदनीय है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है।”
प्रशासन के निर्णय पर टिकी निगाहें :-
दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन और पुलिस की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल इस घटनाक्रम ने जैजैपुर क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल बना दिया है।




