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गांव-गांव पहुंच रही न्याय की रोशनी: एडवोकेट पंकज वारे की मुफ्त कानूनी जागरूकता मुहिम बनी ग्रामीणों की ताकत

अरुण कुमार निराला/फगुरम। जहां आज भी ग्रामीण अंचलों में बड़ी संख्या में लोग अपने कानूनी अधिकारों और सरकारी व्यवस्थाओं की जानकारी के अभाव में विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं मालखरौदा ब्लॉक के ग्राम कर्रापाली निवासी एवं हाई कोर्ट के युवा अधिवक्ता पंकज वारे ने एक प्रेरणादायक पहल शुरू कर समाज में नई चेतना जगाने का कार्य किया है। वे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक साक्षरता (फ्री लीगल एजुकेशन) प्रदान कर रहे हैं और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक एवं संगठित बना रहे हैं।


कानून को चौपाल तक पहुंचाने का संकल्प
एडवोकेट पंकज वारे का मानना है कि न्याय और कानून केवल अदालतों और कानूनी पुस्तकों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि आम नागरिकों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचने चाहिए। इसी सोच के साथ वे लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर चौपालों, सामुदायिक स्थलों और जनसभाओं के माध्यम से लोगों को कानूनी जानकारी दे रहे हैं।


अधिकारों के प्रति कर रहे जागरूक
अपने अभियान के दौरान वे ग्रामीणों को संविधान प्रदत्त अधिकारों, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया, पुलिस एवं प्रशासनिक मामलों में नागरिक अधिकारों, भूमि एवं राजस्व संबंधी विवादों तथा विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं की सरल जानकारी दे रहे हैं। साथ ही वे लोगों को संगठित होकर अपनी समस्याओं को उचित मंच पर उठाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।


“कानूनी जानकारी ही सबसे बड़ा कवच”
इस मुहिम के बारे में अधिवक्ता पंकज वारे ने कहा कि उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और कानूनी जानकारी पहुंचाना है। उन्होंने कहा, “जब किसी व्यक्ति को अपने अधिकारों की जानकारी होती है, तब वह शोषण और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा हो सकता है। मेरा प्रयास है कि प्रदेश के हर जिले और हर गांव तक पहुंचकर जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।”


ग्रामीणों में दिख रहा उत्साह
पंकज वारे की इस अनूठी पहल को विभिन्न जिलों में व्यापक सराहना मिल रही है। ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं का कहना है कि किसी अधिवक्ता का स्वयं गांवों में पहुंचकर बिना किसी शुल्क के कानूनी जानकारी देना समाज के लिए अत्यंत उपयोगी कार्य है। इससे लोगों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।


सामाजिक बदलाव की ओर एक सकारात्मक कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने की ऐसी पहलें न केवल लोगों को सशक्त बनाती हैं, बल्कि न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एडवोकेट पंकज वारे की यह मुहिम आज कई ग्रामीणों के लिए उम्मीद और जागरूकता की नई किरण बनकर उभर रही है।

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