तांदुलडीह डबल मर्डर केस में बड़ा फैसला, मां, दो बहनों और भाई को आजीवन कारावास, पूजा-पाठ के बीच हुई थी दो सगे भाइयों की रहस्यमयी मौत

अरुण कुमार निराला/सक्ती। जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तांदुलडीह में वर्ष 2024 में हुए चर्चित डबल मर्डर मामले में न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मृतकों की मां, दो बहनों और एक भाई को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सक्ती श्री प्रशांत कुमार शिवहरे ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी करार देते हुए यह दंडादेश पारित किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2024 को डायल-112 के माध्यम से थाना बाराद्वार को सूचना मिली थी कि ग्राम तांदुलडीह में फिरीतबाई के घर में पूजा-पाठ के दौरान परिवार के सदस्य मूर्छित हो गए हैं। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक अनवर अली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां अमरिका बाई पूजा-पाठ कर रही थी, जबकि विशाल और चंद्रिका जमीन पर बैठे थे। घर के एक कमरे में विक्रम गोड़ और विक्की गोड़ मृत अवस्था में पाए गए थे।
मर्ग जांच के दौरान सूचनाकर्ता संदीप सिदार ने बताया कि फिरीतबाई सुबह से घर का दरवाजा बंद कर पूजा-पाठ कर रही थी। अंदर से तेज आवाज में मंत्रोच्चार सुनाई दे रहा था। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने अंदर जाकर देखा, जहां परिवार के सदस्य पूजा में लीन थे और दोनों युवक अचेत पड़े हुए थे। बाद में उनकी मृत्यु की पुष्टि हुई।
पुलिस ने मामले की गहन विवेचना कर फिरीतबाई, उसकी बेटियां चंद्रिका सिदार और अमरिका सिदार तथा पुत्र विशाल सिदार को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी माना।
न्यायालय ने चारों आरोपियों को हत्या के अपराध में सश्रम आजीवन कारावास एवं एक-एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मामले में शासन की ओर से उदय वर्मा ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष का पक्ष रखा, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया।




