सक्ती जिला

खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई: दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त

132 दुकानों का निरीक्षण, 61 को नोटिस; किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने प्रशासन की सख्ती जारी

सक्ती। किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिलेभर में निरीक्षण अभियान लगातार चलाया जा रहा है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन एवं उप संचालक कृषि तरुण कुमार प्रधान के मार्गदर्शन में की गई जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो उर्वरक विक्रेताओं के खाद लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।


कृषि विभाग की जांच में विकासखंड डभरा अंतर्गत साराडीह स्थित मेसर्स कोमल प्रसाद जायसवाल तथा विकासखंड मालखरौदा के फगुरम स्थित मेसर्स योगेश कुमार अग्रवाल द्वारा बिना वैध फार्म-ओ के खाद व्यवसाय संचालित किया जाना पाया गया। इसके अलावा किसानों को प्रपत्र-एम के तहत कैश क्रेडिट जारी नहीं किया जा रहा था। जांच में स्टॉक पंजी का संधारण, मासिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने तथा बिना पीओएस मशीन के उर्वरक वितरण जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं।


कृषि विभाग ने बताया कि उक्त कृत्य उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक एवं मिश्रित) नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसके चलते दोनों विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।


132 विक्रय केंद्रों की जांच, कई पर कार्रवाई
जिले में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 132 विक्रय स्थलों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान 7 विक्रय केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए उनके प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं। वहीं 5 अवैध भंडारण मामलों में सामग्री जब्त कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। इसके अलावा 61 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


अधिक मूल्य वसूलने और कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बिक्री, कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अन्य अनियमितताओं पर जिला एवं विकासखंड स्तरीय निगरानी दल लगातार नजर रखे हुए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री या अन्य अनियमितता की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध समय पर कार्रवाई की जा सके।

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