पदोन्नति में वरिष्ठता और आरक्षण लागू करने की मांग, क्रांतिकारी शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन

कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित कराने की मांग; वर्ष 2028 तक अनिवार्यता शिथिल रखने का आग्रह
सक्ती। छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ जिला सक्ती के पदाधिकारियों ने 20 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं सचिव स्कूल शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने वर्तमान शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता को आधार बनाने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने तथा कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित कराने की मांग की है।
संघ ने ज्ञापन में कहा है कि देशभर के शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने की समय-सीमा दी गई है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में प्रारंभ की गई वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में टीईटी की अनिवार्यता के कारण अनेक वरिष्ठ शिक्षक पदोन्नति के लाभ से वंचित हो रहे हैं। जब शिक्षकों के पास टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय है, तब वर्तमान पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता को आधार बनाया जाना न्यायसंगत होगा।
विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने की मांग
शिक्षक संघ ने कहा कि अन्य राज्यों में कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग को भी कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करनी चाहिए। इससे वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने का उचित अवसर मिलेगा।
संघ ने मांग की कि वर्ष 2028 तक पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता शिथिल रखते हुए वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति दी जाए। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षकों के संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण लागू किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विजय खूंटे, उपाध्यक्ष कैलाशपुर, जिला संगठन सचिव निरंजन मधुकर, जिला सचिव देव भारद्वाज, जैजैपुर ब्लॉक अध्यक्ष लोकेश बघेल, अनिल भारद्वाज, प्रदीप पंकज, वेदप्रकाश दिवाकर, आशीष संडे और सुरेश वैभव सहित अनेक शिक्षक शामिल रहे।




