राज्योत्सव में वेदांता पावर ने दिखाई ग्रामीण महिला उद्यमिता की झलक

प्रोजेक्ट सखी की महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र, 300 से अधिक ग्रामीण महिलाएं हो चुकी हैं सशक्त
सक्ती। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में वेदांता पावर सक्ती थर्मल पावर प्लांट ने अपनी सामुदायिक विकास गतिविधियों और ग्रामीण महिला सशक्तीकरण की पहल को आकर्षक प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन सक्ती द्वारा 2 नवंबर को आयोजित राज्योत्सव में कंपनी के स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता, स्थानीय कला-संस्कृति और आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
प्रोजेक्ट सखी के उत्पादों ने खींचा ध्यान
वेदांता पावर की विशेष प्रदर्शनी में प्रोजेक्ट सखी के अंतर्गत प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों की श्रृंखला प्रदर्शित की गई। इसमें भित्ति कला, जूट बैग, हाथ से रंगे दीये, प्राकृतिक सामग्री से बने साबुन और मोमबत्तियां शामिल थीं। इन उत्पादों के जरिए ग्रामीण महिलाओं के हुनर, रचनात्मकता और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उनके प्रयासों को मंच मिला।
छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की भी झलक
प्रदर्शनी में बस्तर की कला और पारंपरिक टैटू कला से प्रेरित विशेष प्रस्तुति के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही मशरूम उत्पादन का प्रदर्शन कर किसानों को इसकी खेती की तकनीक और अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाओं से परिचित कराया गया।
विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया का मॉडल प्रदर्शित
स्टॉल में वेदांता पावर के विद्युत संयंत्र का मॉडल भी रखा गया। इसके माध्यम से आगंतुकों को बिजली उत्पादन की प्रक्रिया और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोयला आधारित विद्युत उत्पादन की भूमिका समझने का अवसर मिला।
राज्यसभा सांसद ने किया स्टॉल का उद्घाटन
वेदांता पावर के स्टॉल का उद्घाटन राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने किया। वे राज्योत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
300 से अधिक महिलाओं को मिला कौशल विकास का अवसर
वेदांता पावर लिमिटेड के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। कंपनी छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, प्रतिभाओं और विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी की पहलें समुदायों को सशक्त बनाने, आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित हैं।
वहीं, वेदांता पावर सक्ती थर्मल पावर प्लांट के सीओओ देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि प्रोजेक्ट सखी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक हुनर को नए अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कौशल विकास के जरिए महिलाओं को अपने हुनर को पहचान देने, नए उत्पाद तैयार करने और उन्हें आय का साधन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सामुदायिक विकास की दिशा में भी पहल
कंपनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में प्रोजेक्ट सखी के माध्यम से सक्ती थर्मल पावर प्लांट अब तक 300 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास एवं आजीविका सृजन के अवसरों से जोड़ चुका है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में कंपनी की व्यापक सामुदायिक विकास गतिविधियों के माध्यम से अब तक 18,600 लोगों तक पहुंच बनाई गई है।
इन गतिविधियों में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्योत्सव में प्रदर्शित यह पहल ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा को मंच देने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आत्मनिर्भरता की संभावनाओं को भी रेखांकित करती है।




